जेल से रची थी साजिश, नितिन गडकरी धमकी केस में बड़ा फैसला, दो आरोपियों को 5 साल की सजा

Nitin Gadkari Threat Case: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धमकी और खंडणी मांगने के मामले में नागपुर कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
Conspiracy hatched from jail: Major verdict in Nitin Gadkari threat case; two accused sentenced to 5 years.
नितिन गडकरी धमकी मामला,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Court Threat Case: नागपुर वर्ष 2023 की शुरुआत में ही केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पहले 100 करोड़ और फिर 10 करोड़ की खंडणी के लिए जान से मारने की धमकी के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय-7 व न्यायाधीश अनिल कुमार के। शर्मा की कोर्ट ने आरोपी मंगलुरू, कर्नाटक निवासी जयेश उर्फ जयेशकांत उर्फ शाहिर उर्फ शकीर पुजारी और किश्तीनगर, चिंतामणी चिंकावालापुरा, कर्नाटक निवासी अफसर पाशा उर्फ बशीरुद्दीन उर्फ खुशीरुद्दीन मोहम्मद को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

वारदात के समय दोनों आरोप हिंगलगा सेंट्रल जेल, बेलगाव में कैद थे। मामले का तीसरा आरोपी मोहम्मद शकीर मोहम्मद अनीफ अब भी फरार है। यह मामला 14 जनवरी 2023 को धंतोली में दर्ज किया गया था।

IPC समेत UAPA एक्ट में भी आरोप सिद्ध

हाई कोर्ट ने पुलिस द्वारा पेश सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकारते हुए पुजारी और पाशा को मामले में दर्ज सभी धाराओं में आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने आईपीसी 385 और धारा 507 के अलावा यूएपीए एक्ट की धारा 10 के तहत 2-2 वर्ष की जेल व 5000-5000 रुपये का जुमनि की सजा दी।

जुर्माना न भरने पर 10-10 महीने की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी। धारा 387 और 506 (02) के अलावा यूएपीए एक्ट की धारा 13 और 18 के तहत 5-5 वर्ष सश्रम कारावास, 5000-5000 रुपये का जुर्माना व जुर्माना न भरने पर 1-1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। सभी सजायें साथ चलेंगी। हालांकि कोर्ट ने यूएपीए एक्ट की धारा 20 के तहत पुजारी और पाशा को बरी कर दिया।

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