

Maratha protesters stop Gopichand Padalkar s convoy in Solapur : सोलापुर जिले के कामती में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर का काफिला रोक दिया।
आंदोलकों ने पडलकर से मराठा आरक्षण के मुद्दे पर उनकी स्पष्ट भूमिका बताने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी भी की।
मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में चल रहे मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच सोलापुर में भी आंदोलनकारियों का विरोध तेज दिखाई दिया। कामती इलाके में प्रदर्शनकारियों ने सोलापुर-कोल्हापुर हाईवे पर रास्ता रोको आंदोलन किया और पडलकर के काफिले को आगे जाने से रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों ने गोपीचंद पडलकर की गाड़ी के सामने आकर नारेबाजी की। आंदोलकों ने उनसे वाहन से बाहर आने और मराठा आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से मनोज जरांगे पाटिल की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
आंदोलकों से बातचीत के दौरान गोपीचंद पडळकर ने कहा कि जिन मराठों के पुराने रिकॉर्ड में कुणबी के रूप में दर्ज होने का प्रमाण उपलब्ध है, उन्हें आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को उनके पुराने दस्तावेजों के आधार पर उनका अधिकार मिलना चाहिए।
हालांकि, पडलकर ने रिकॉर्ड में हेराफेरी करके या गलत तरीके से कुणबी प्रमाणपत्र हासिल करने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि गलत रिकॉर्ड तैयार करके प्रमाणपत्र लेने से पूरे मराठा समाज की बदनामी होती है।
पडलकर ने इस तरह की प्रक्रिया से बचने की बात कही। गोपीचंद पडलकर ने यह भी कहा कि मराठा समाज की भावनाएं उनकी भी हैं और वे समाज के साथ हैं। उनके इस स्पष्टीकरण के बाद आंदोलकों और पडलकर के बीच बातचीत हुई और स्थिति शांत हुई।
बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों का विरोध शांत हुआ। आंदोलकों ने गोपीचंद पडलकर के काफिले को आगे जाने का रास्ता दे दिया। इस घटना के बाद सोलापुर में मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।