Nagpur Encroachment Removal: लगातार निगरानी से सीताबर्डी साफ, अन्य इलाकों में चुनौती अब भी बरकरार

Nagpur Encroachment Removal: नागपुर का सीताबर्डी क्षेत्र लगातार निगरानी और जीरो टॉलरेंस नीति से अतिक्रमण मुक्त हुआ है, जबकि अन्य इलाकों में अभियान अभी भी पूरी तरह सफल नहीं हो पाया है।
Nagpur Encroachment Removal: Sitabuldi Cleared Through Continuous Monitoring; Challenges Persist in Other Areas
नागपुर अतिक्रमण अभियान,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Encroachment Issue: नागपुर महानगरपालिका के प्रवर्तन विभाग और सीताबडी पुलिस की संयुक्त व निरंतर निगरानी के कारण शहर का सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र 'सीताबर्डी' अतिक्रमण मुक्त हो गया है। हालांकि एक ओर जहां सीताबडी में यह अभियान एक दुर्लभसफलता बनकर उभरा है वहीं दूसरी ओर शहर के अन्य हिस्सों (जैसे वर्धा रोड) पर फुटपाथों से अवैध हॉकर्स को हटाने में यह अभियान अब भी पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है।

क्या है सफलता का 'सीताबर्डी मॉडल' मनपा प्रवर्तन विभाग के सहायक आयुक्त संजय कांबले के अनुसार सीताबडी की सफलता का मुख्य कारण वहां की जा रही 'लगातार निगरानी' है। अन्य इलाकों में जहां केवल समय-समय पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए जाते हैं वहीं सीताबडों में 2 विशेष शिफ्टों में टीमों को तैनात किया गया है।

पहली टीम सुबह 10 से शाम 6 बजे तक और दूसरी टीम दोपहर 2 से रात 10 बजे तक मौजूद रहती है। कांबले ने स्पष्ट किया कि उनकी इस 'जीरो-टॉलरेंस' नीति के तहत वेंडर्स को सड़क या फुटपाथ पर बैठने ही नहीं दिया जाता जिससे अतिक्रमण हटाने की शुरुआती कार्रवाई के बाद वे दोबारा अपनी जगहों पर कब्जा नहीं कर पाते।

सीताबर्डी में अतिक्रमण पर सख्ती, अब नाइट ड्राइव की तैयारी

रविवार की छुट्टी के दिन भी जारी रही सख्ती अतिक्रमण के खिलाफ रविवार को भी सख्ती जारी रही। वैरायटी चौक से लेकर झांसी रानी चौक तक सीताबर्डी मेन रोड पर शाम के समय पुलिस और मनपा के धरमपेठ जोन के सहायक आयुक्त राजकुमार मेश्राम की मौजूदगी में व्यापक अभियान चलाया गया।

आमतौर पर रविवार को दुकानें बंद होने के कारण हॉकर्स मेन रोड पर कब्जा कर लेते हैं और आधी से ज्यादा सड़क पर कपड़े व अन्य सामान बेचने लगते हैं जिससे वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है।

इससे पहले शनिवार को भी धरमपेठ, धंतोली, गांधीबाग और लक्ष्मीनगर जोन में व्यापक अभियान चलाया गया था। इसके तहत सीताबर्डी से एक ट्रक सामान जब्त किया गया, मेडिकल अस्पताल के पास बने 20 से अधिक अवैध शेड हटाए गए और आईटी पार्क व महल इलाके में फुटपाथ खाली कराए गए थे।

अब रात में भी होगी निगरानी वर्तमान में प्रवर्तन विभाग 15 टीमों (विभिन्न जोनों की 10 और 5 विशेष टीमें) के साथ काम कर रहा है, ताकि सभी 10 जोनों में सीताबर्डी जैसी निगरानी व्यवस्था लागू की जा सके।

इसके साथ ही देर रात में खाली जगहों पर वेंडर्स को कब्जा करने से रोकने के लिए एनएमसी 'नाइट एंटी-एनक्रोचमेंट ड्राइव शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसका प्रस्तावित समय रात 10 से सुबह 6 बजे तक का होगा जिसके लिए प्रशासन द्वारा जल्द ही औपचारिक आदेश जारी होने की उम्मीद है।

दूसरे इलाकों में हॉकर्स की वापसी और नागरिकों की परेशानी

सीताबडी की सफलता के बावजूद वहां रोड जैसे प्रमुख इलाकों में अतिक्रमण की समस्या जस की तस बरकरार है। हाल ही में मनपा आयुक्त डॉ। विपिन इटनकर के नेतृत्व में इन चौराहों पर बड़ी कार्रवाई की गई थी लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई हॉकर्स एनएमसी की टीम के जाने का इंतजार करते हैं और टीम के जाते ही में फिर से फुटपाथों पर काबिज हो जाते हैं।

इस समस्या से आम नागरिक काफी निराश और परेशान है। नागरिकों की शिकायत है कि फुटपाथो पर अतिक्रमण के कारण उन्हें मजबूरन व्यस्त सड़कों पर चलना पड़ता है जो न केवल ट्रैफिक को बाधित करता है बल्कि पैदल चलने वालों के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करता है।

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