गणेशोत्सव से पहले पाबंदी के बावजूद सातारा के बाजारों में सरेआम बिक रहे प्लास्टिक फूल, प्रशासन पर उठे सवाल

Plastic Flower Ban: गणेशोत्सव से पहले सातारा जिले के कराड के बाजारों में प्रतिबंध के बावजूद प्लास्टिक फूलों की खुलेआम बिक्री जारी है। जिससे अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Plastic Flower Ban violation
गणेशोत्सव से पहले प्रतिबंधित प्लास्टिक फूल बाजार में बिक रहे प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: सोशल मीडिया
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Plastic Flower Ban violation In Karad Market: सातारा जिले के कराड शहर में प्राकृतिक रूप से नष्ट न होने वाले प्लास्टिक और कृत्रिम फूलों की खरीद-बिक्री तथा उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लागू होने के बावजूद इनकी खुलेआम बिक्री जारी है। गणेशोत्सव नजदीक आने के साथ ही सजावट में इस्तेमाल होने वाले रंग-बिरंगे प्लास्टिक फूल, झालर और अन्य कृत्रिम सजावटी सामान बाजार में बड़ी मात्रा में पहुंच गए हैं। इससे प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

कराड उपजिला अस्पताल के सामने फुटपाथ पर कई विक्रेता सजावट के लिए विभिन्न प्रकार के कृत्रिम फूल बेचते नजर आ रहे हैं। देखने में प्राकृतिक फूलों जैसे नजर आने वाले इन आकर्षक उत्पादों की कम कीमत के कारण नागरिक भी इन्हें खरीद रहे हैं।

प्लास्टकिक के फूलों से वायु प्रदूषण का खतरा

प्लास्टिक से बने इन फूलों का आसानी से विघटन नहीं होता, जिससे कचरे की समस्या बढ़ने के साथ ही जल और वायु प्रदूषण का खतरा भी पैदा होता है। 50 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध होने के बाद भी यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। गणेशोत्सव के दौरान जिले के विभिन्न शहरों में बाहर से बड़े पैमाने पर प्लास्टिक फूलों की खेप मंगवाई जा रही है।

प्लास्टिक फूल दिखने में आकर्षक पर पर्यावरण के लिए खतरा

प्लास्टिक के फूल दिखने में भले ही आकर्षक हों, लेकिन इनका विघटन न होना पर्यावरण और जलस्रोतों के लिए अत्यंत घातक है। इन्हें जलाने से निकलने वाला जहरीला धुआं श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है और इनमें आसानी से आग लगने का खतरा भी बना रहता है। प्रशासन को इस पाबंदी का प्रभावी क्रियान्वयन तुरंत सुनिश्चित करना चाहिए।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कार्रवाई के निर्देश का असर नहीं

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले साल राज्य विधानमंडल सत्र में विवाह समारोहों, त्यौहारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्लास्टिक फूलों का उपयोग करने वालों पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने इस संदर्भ में शासन निर्णय जारी करने की बात कही थी, परंतु इसके बावजूद जमीनी स्तर पर प्रतिबंध का असर दिखाई नहीं दे रहा है।

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अवैध प्लास्टिक के उपयोग पर भारी जुर्माने व सजा का प्रावधान

माहाराष्ट में पिछले चार-पांच वर्षों में प्लास्टिक प्रतिबंध के उल्लंघन के लगभग 92 हजार मामले दर्ज किए गए हैं। इन कार्यवाहियों में 4 हजार 135 टन प्लास्टिक जब्त कर करीब 25 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। नियमों के प्रथम उल्लंघन पर 5 हजार रुपये, दूसरी बार 10 हजार रुपये तथा तीसरी बार उल्लंघन करने पर 25 हजार रुपये जुर्माना और तीन महीने तक के कारावास का प्रावधान है। इसके बावजूद व्यापारियों में प्रशासन का कोई भय नजर नहीं आ रहा है।

कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की मांग

नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल विक्रेताओं पर कार्रवाई न करते हुए केवल विक्रेताओं ही नहीं, बल्कि 50 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक फूलों का निर्माण करने वाले उत्पादकों, सजावट करने वाले डेकोरेटर्स और ऐसे सजावटी सामान को अनुमति देने वाले बड़े मंगल कार्यालयों तथा बैंक्वेट हॉलों की भी जांच होनी चाहिए।

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