

Sanjay Raut Taunts CJI Surya Kant: जब देश की राजनीति में युवाओं का गुस्सा फूट रहा हो और सड़कों पर आंसू गैस के गोलों का धुआं छाया हो, तब एक ट्वीट राजनीतिक गलियारों में भूकंप ला देता है। राज्यसभा सांसद और शिव सेना ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने हाल ही में CJI सूर्यकांत पर एक ऐसा तीखा तंज कसा है, जिसने इस पूरे आंदोलन की दिशा ही बदल दी है।
संजय राउत ने सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को संबोधित करते हुए एक विवादित और बेहद चर्चित पोस्ट साझा किया है। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट रूप से लिखा कि आज के इस महान आंदोलन का पूरा श्रेय केवल CJI सूर्यकांत को जाता है। राउत ने अपने चिर-परिचित व्यंग्यात्मक लहजे में आगे कहा, देश के मुर्दों को जिंदा करने के लिये शुक्रिया।
राउत के इस बयान का सीधा मतलब यह निकाला जा रहा है कि CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी ने सोई हुई जनता और युवाओं को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। मुर्दों को जिंदा करने का मुहावरा यहां उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया गया है जो अब तक व्यवस्था के प्रति उदासीन थे, लेकिन अब सीजेपी प्रोटेस्ट के जरिए हुंकार भर रहे हैं।
यह बयान तब आया है जब संसद मार्च के दौरान युवाओं पर पुलिसिया कार्रवाई हुई है। रोहित पवार ने भी सरकार को चेतावनी दी थी कि युवाओं पर छोड़ी गई गैस का असर सरकार की आंखों में आंसुओं के रूप में दिखेगा। अब संजय राउत ने इस लड़ाई में अदालती मोड़ जोड़कर इसे और अधिक गंभीर बना दिया है। राउत का मानना है कि इस जन-आंदोलन की ज्वाला को भड़काने में उन परिस्थितियों का हाथ है, जिसके लिए वे सीधे तौर पर उच्च पदस्थ पदों पर बैठे व्यक्तियों को जिम्मेदार मानते हैं।
संजय राउत के इस ट्वीट ने न केवल सरकार, बल्कि न्यायपालिका के प्रति विपक्षी दलों के कड़े रुख को भी उजागर कर दिया है। My lord Suryakant ji कहकर संबोधित करना और फिर उन पर तंज कसना यह संकेत देता है कि विपक्षी नेता अब किसी भी मोर्चे पर झुकने को तैयार नहीं हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राउत का यह बयान युवाओं के बीच न्यायपालिका की निष्पक्षता को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ सकता है।