राणे को अब कोई सिरीयसली नहीं लेता; आखिर भाजपा के फायरब्रांड नेता पर क्यों भड़के इदरीस नायकवाडी?
Nitesh Rane Vs Idris Nayakwadi: नितेश राणे के बयानों से महायुति में खींचतान। राकांपा विधायक इदरीस नायकवडी ने राणे को मनोरंजन का साधन बताया। जानें क्या है बकरीद और मदरसों को लेकर शुरू हुआ पूरा विवाद।
- Written By: गोरक्ष पोफली
नितेश राणे व इदरीस नायकवाडी (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Idris Nayakwadi Slams Nitesh Rane: नितेश राणे के बयानों के कारण न केवल विपक्ष ने उन पर निशाना साधा है, बल्कि सत्ताधारी महायुति के घटक दल, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) ने भी उनकी कड़ी आलोचना की है। राकांपा विधायक इदरीस नायकवडी ने राणे पर तंज कसते हुए कहा कि अब उन्हें कोई भी गंभीरता से नहीं लेता और उन्हें केवल मनोरंजन के साधन के रूप में देखा जाता है। नायकवडी ने राणे के व्यवहार को बचकाना करार दिया और आरोप लगाया कि वे समाज में दरार पैदा करके खुद को हीरो के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुस्लिम समुदाय को राणे से धार्मिक मार्गदर्शन लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग
सांगली के मिरज में बोलते हुए इदरीस नायकवडी ने एक महत्वपूर्ण मांग दोहराई कि मुस्लिम समुदाय की ओर से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की जा रही है। उन्होंने सरकार से इस मांग पर गंभीरता से ध्यान देने का आग्रह किया। अब इदरीस नायकवाडी का यह बयान सच में उनके विचार है या काई राजनीतिक स्टंट यह पता लगाना काफ़ी कठीन है।
नितेश राणे ने क्या कहां था?
भाजपा नेता नितेश राणे ने एक जनसभा में हिंदू और मुस्लिम त्योहारों के प्रति प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टिकोण की तुलना करते हुए तीखा बयान दिया था। उन्होंने कहा कि जहाँ होली पर पानी बचाने और दिवाली पर प्रदूषण मुक्त त्योहार मनाने की सलाह दी जाती है, वहीं बकरीद के समय पर्यावरण की रक्षा के लिए वर्चुअल बकरा काटने की बात कोई नहीं करता।
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इसके साथ ही, उन्होंने राज्य के मदरसों पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया और मांग की कि अवैध मदरसों पर तुरंत बुलडोजर चलाया जाना चाहिए। राणे ने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की सरकार तुष्टिकरण की राजनीति के आगे नहीं झुकेगी और यदि त्योहारों की आड़ में प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी या कानून हाथ में लेने की कोशिश की गई, तो प्रशासन सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।
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प्रशासनिक निर्देश और कानून-व्यवस्था
बकरी ईद के मद्देनजर, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने पुलिस को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि राज्य में गोवंश हत्या बंदी कानून का कोई उल्लंघन न हो और साथ ही गौरक्षकों पर कोई हमला न हो, इसकी पूरी सावधानी बरती जाए। संक्षेप में, यह मामला नितेश राणे के बयानों से शुरू होकर अब धार्मिक संवेदनशीलता, राष्ट्रीय पशु की मांग और कानून-व्यवस्था के कड़े पालन तक पहुँच गया है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और अधिक गर्माने की संभावना है।
