अमित साटम पर हो कार्रवाई, मैनहोल हादसे पर भड़के रोहित पवार, कहा- अपर लेवल अधिकारियों को करें सस्पेंड

Rohit Pawar On Manhole Accident: साकीनाका में मैनहोल हादसे पर भड़के विधायक रोहित पवार। पीड़ित परिवार से मिलकर बीजेपी नेता अमित साटम पर साधा निशाना, उच्च अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग की।
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रोहित पवार का बयान (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Rohit Pawar Demands Action Against Amit Satam: मुंबई में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही ने एक आम नागरिक की जान ले ली है। साकीनाका क्षेत्र में 25 फुट गहरे मैनहोल में गिरने से हुई 55 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने मृतक के घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और इस घटना के लिए सीधे तौर पर महानगर पालिका और सत्ताधारी नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है।

रोहित पवार ने परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि जब पीड़ित व्यक्ति सड़क पर चल रहा था, तब वह अचानक खुले मैनहोल में गिर गया। वहां न तो कोई सुरक्षा घेरा बनाया गया था और न ही कोई चेतावनी का संकेत दिया गया था कि वहां काम चल रहा है।

अपर लेवल अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए

प्रशासन द्वारा अब तक की गई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पवार ने कहा कि बीएमसी ने केवल चार निचले स्तर के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार ऐसे हादसों के बाद केवल छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बना दिया जाता है, जबकि बड़े अधिकारी सुरक्षित बच निकलते हैं। रोहित पवार और पीड़ित परिवार की मांग है कि इस मामले में अपर लेवल अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए और उन पर ऐसी कड़ी कार्रवाई हो कि भविष्य में कोई भी अधिकारी अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने की हिम्मत न करे।

बीजेपी नेता अमित साटम पर तीखा प्रहार

इस त्रासदी के बीच राजनीतिक माहौल तब और गरमा गया जब रोहित पवार ने बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष और विधायक अमित साटम पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। पवार ने कहा कि एक तरफ आम आदमी की जान जा रही है और दूसरी तरफ साटम जैसी हस्तियां इन दुखद घटनाओं का मजाक उड़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि साटम सत्ता में हैं, उनकी पार्टी बीएमसी और राज्य सरकार का हिस्सा है, फिर भी वे आम जनता की मौत के प्रति इतने असंवेदनशील हैं। पवार ने साटम के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मानसून पूर्व तैयारियों में भ्रष्टाचार का आरोप

अमित साटम द्वारा पिछले 25 वर्षों के कामकाज पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए पवार ने कहा कि यह कोई 25 साल पुरानी कहानी नहीं है, बल्कि हर साल की लापरवाही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में मानसून जून में आता है, यह सबको पता है, इसलिए सारा काम मई तक पूरा हो जाना चाहिए था। पवार ने तीखा सवाल पूछा, जब मानसून की तैयारी का समय था, तब प्रशासन क्या कर रहा था? क्या वे सो रहे थे या भ्रष्टाचार के जरिए पैसे खा रहे थे? उन्होंने दावा किया कि बीएमसी इन मौतों के लिए 100% जिम्मेदार है, क्योंकि हर साल मैनहोल और पेड़ों के गिरने जैसी घटनाओं में कई लोग अपनी जान गंवाते हैं।

रोहित पवार ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के बेटे को महानगर पालिका में सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही, उन्होंने मुआवजे के तौर पर दी जाने वाली राशि पर भी पुनर्विचार करने की बात कही, क्योंकि परिवार का सहारा छिन चुका है। पवार ने चेतावनी दी है कि जब तक उच्च अधिकारियों पर जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक मुंबई की सड़कों पर आम आदमी सुरक्षित नहीं है।

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