Chiplun Murder: आम के बाग में मिली जली हुई हड्डियों का राज फाश, मुंबई से प्रेमी-प्रेमिका गिरफ्तार

Chiplun Murder Mystery: आम के बाग में जली हड्डियों का खुला राज। मलाड से प्रेमी-प्रेमिका गिरफ्तार, सूटकेस में लाश छिपाकर रची थी खौफनाक साजिश।
Chiplun Murder Mystery
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Chiplun Murder Mystery Solved: महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। चिपलुन के रामपुर गांव स्थित अवतेवाड़ी में एक आम के बाग से जली हुई मानव हड्डियां बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने इस पेचीदा गुत्थी को महज 24 घंटों के भीतर सुलझाते हुए मुंबई के मलाड इलाके से दो मुख्य आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि इस क्रूर हत्याकांड को अंजाम देने के पीछे पैसों का विवाद मुख्य वजह थी।

रत्नागिरी पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक की पहचान मुंबई के मलाड निवासी एजाज कुरैशी के रूप में हुई है। इस पूरी वारदात को विशाल खोदेकर और उसकी प्रेमिका जन्नतुनिशा खान ने मिलकर अंजाम दिया था। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए उन्होंने शव को एक सूटकेस में भरा और विशाल के पैतृक गांव चिपलुन ले आए। यहां एक सुनसान आम के बगीचे में शव को ठिकाने लगा दिया गया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब स्थानीय लोगों को वहां जली हुई हड्डियां और कुछ संदिग्ध सामान दिखाई दिया।

Chiplun Murder Mystery: सूटकेस से हड्डियों तक का सफर

घटनास्थल का निरीक्षण करने पर पुलिस को जली हुई हड्डियों के साथ कुछ अंगूठियां और लोहे की छड़ें मिली थीं। जांच में पता चला कि नवंबर 2025 में ही शव को सूटकेस में भरकर यहां फेंक दिया गया था। कई महीनों तक शव वहीं पड़ा रहा और क्षत-विक्षत हो गया। इसके बाद, फरवरी में पकड़े जाने के डर से विशाल खोदेकर ने दोबारा वहां जाकर सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को आग लगा दी। हालांकि, मौके पर बची हुई अंगूठियों और धातु की वस्तुओं ने पुलिस को हत्यारों तक पहुँचने का सुराग दे दिया।

वित्तीय विवाद और खौफनाक साजिश

पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि जन्नतुनिशा ने हाल ही में एक घर खरीदा था, जिसमें वित्तीय लेनदेन को लेकर एजाज कुरैशी के साथ उसका गहरा विवाद चल रहा था। यह तकरार इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने एजाज को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। हत्या की साजिश मुंबई में रची गई और शव को ठिकाने लगाने के लिए चिपलुन के शांत इलाके को चुना गया ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मलाड से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर चिपलुन की अदालत में पेश किया है।

पुलिस कस्टडी और आगे की जांच

अदालत ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों के संकलन की आवश्यकता को देखते हुए विशाल खोदेकर और जन्नतुनिशा खान को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। चिपलुन पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में कोई और भी शामिल था या क्या आरोपियों को हथियार और सूटकेस ले जाने में किसी तीसरे व्यक्ति ने मदद की थी। इस सनसनीखेज खुलासे ने एक बार फिर अपराध की दुनिया में बढ़ती क्रूरता को उजागर कर दिया है।

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