Kalpana Kharat: विदेश भागने की फिराक में अशोक खरात की पत्नी, पुलिस ने जारी किया लुकआउट नोटिस

Kalpana Kharat Case Update: अशोक खरात की पत्नी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी। 100 करोड़ के घोटाले और धोखाधड़ी में फरार कल्पना के विदेश भागने पर लगी रोक।
Kalpana Kharat Case Update
Kalpana Kharat Case Update (डिजाइन फोटो)
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Kalpana Kharat Case: अशोक खरात मामले में अब महाराष्ट्र पुलिस और जांच एजेंसियों ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। नासिक के चर्चित जालसाज अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात, जो धोखाधड़ी और अवैध साहूकारी के मामलों में मुख्य आरोपी हैं, फिलहाल फरार चल रही हैं। शिरडी पुलिस को अंदेशा है कि कानूनी कार्रवाई के डर से कल्पना देश छोड़कर विदेश भागने की कोशिश कर सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने उनके खिलाफ 'लुकआउट नोटिस' जारी कर दिया है, जिससे अब उनके लिए अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार करना असंभव हो गया है।

अदालत ने मुख्य आरोपी अशोक खरात को पहले ही 8 अप्रैल 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस दौरान एसआईटी (SIT) जांच में खरात दंपत्ति के काले कारनामों की परतें एक-एक करके खुल रही हैं। मामले में मुख्य रूप से शिरडी के किसानों को कर्ज के जाल में फंसाकर उनकी जमीनें हड़पने और धन शोधन के गंभीर आरोप दर्ज हैं। शिरडी पुलिस की कई टीमें संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं, लेकिन कल्पना अभी तक पुलिस की पहुंच से बाहर हैं।

Kalpana Kharat Case: लुकआउट नोटिस और पुलिस की घेराबंदी

जैसे ही पुलिस को खुफिया जानकारी मिली कि कल्पना खरात पासपोर्ट और वीजा के जरिए विदेश पलायन की योजना बना रही हैं, तुरंत लुकआउट नोटिस जारी करने का फैसला लिया गया। इस कदम से सभी हवाई अड्डों और बंदरगाहों के इमिग्रेशन काउंटरों पर उनकी जानकारी पहुंच गई है। कल्पना खरात मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का मानना है कि इस घेराबंदी के बाद अब उनके पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

100 करोड़ का बैंक खाता घोटाला आया सामने

जांच के दौरान अशोक खरात का एक और चौंकाने वाला वित्तीय अपराध सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, उसने कई निर्दोष लोगों के आधार और पैन कार्ड चुराकर अलग-अलग क्रेडिट सोसायटियों में सैकड़ों बैंक खाते खुलवाए थे। इन सभी खातों में खरात ने खुद को 'नॉमिनी' के तौर पर दर्ज किया था। सबसे बड़ी बात यह है कि इन सभी खातों का संचालन वह स्वयं ही कर रहा था और अब तक इनके जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन किया जा चुका है।

किसानों के साथ धोखाधड़ी और साहूकारी का जाल

शिरडी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कल्पना खरात मामला केवल व्यक्तिगत धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा संगठित अपराध है। खरात दंपत्ति ने किसानों को ब्याज पर पैसे देने के नाम पर उनकी कीमती जमीनें अपने नाम लिखवा ली थीं। एसआईटी अब उन बैंक और क्रेडिट संस्थान के अधिकारियों की भी सूची बना रही है जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर इन फर्जी खातों को संचालित करने में मदद की। पुलिस को उम्मीद है कि कल्पना की गिरफ्तारी के बाद इस सिंडिकेट के कई और प्रभावशाली नाम उजागर होंगे।

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