महाराष्ट्र में मांस बंदी विवाद पर आठवले बोले- यह सही नहीं, सभी को अपने खान-पान का पूरा अधिकार

Maharashtra News: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने स्वतंत्रता दिवस पर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में मांस बिक्री पर प्रतिबंध के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
रामदास आठवले (pic credit; social media)
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Maharashtra meat ban Controversy: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने स्वतंत्रता दिवस पर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में मांस बिक्री पर प्रतिबंध के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। बुधवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह सही नहीं है, क्यों कि लोगों को अपने खान-पान का अधिकार है।

आठवले ने तर्क दिया कि 70 प्रतिशत से अधिक लोग मांसाहारी हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक कारणों से प्रतिबंध स्वीकार्य हो सकता है, लेकिन 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व पर यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती, 15 अगस्त और 26 जनवरी को इस तरह के फैसले नहीं होने चाहिए। लोकतंत्र में अनावश्यक बंधन ठीक नहीं है और इस फैसले पर फिर से विचार होना चाहिए।

रामदास आठवले ने कहा कि मुझे लगता है कि इसकी जरूरत भी है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में चुनाव आयोग की ओर से वोटर वेरिफिकेशन कराया गया। कोई भी वैध वोटर मतदान से वंचित न रहे, इसीलिए इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

'वोट चोरी' पर सदन में चर्चा की मांग अनुचित

'वोट चोरी' के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का वोट एक ही स्थान पर दर्ज होना चाहिए, जैसे मुंबई में रहने वालों का वोट महाराष्ट्र में हो, न कि बिहार में। उन्होंने दोहरे मतदाता नामांकन की समस्या पर भी ध्यान दिया, जिसे चुनाव आयोग ने संबोधित करते हुए एक स्थान पर मतदान की अनुमति दी है। आठवले ने चुनाव आयोग को एक संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा इसकी निष्पक्षता पर सदन में चर्चा की मांग अनुचित है, क्योंकि इसका सरकार से कोई संबंध नहीं है।

राहुल गांधी के बयान की आठवले ने की आलोचना

आठवले ने सुझाव दिया कि राहुल गांधी को अपनी शिकायतें सीधे चुनाव आयोग से मिलकर रखनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया, जिससे करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है और सदन की कार्यवाही कई दिनों से बाधित रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं बताया है। स्ट्रीट डॉग्स पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के जवाब में राहुल गांधी के बयान की आठवले ने आलोचना की।

आवारा कुत्तों के काटने का मामला अलग

रामदास आठवले ने कहा कि आवारा कुत्तों द्वारा कुछ लोगों को काटने की समस्या को सरकार और एनजीओ के सहयोग से हल किया जा सकता है। आठवले ने राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बयान को अनुचित ठहराया और कहा कि उनकी हमेशा विरोध करने की आदत से कांग्रेस पार्टी को नुकसान हो रहा है। स्ट्रीट डॉग्स के लिए गौशाला की तर्ज पर शेल्टर होम होने चाहिए। जहां पर उनके खान-पान की चीजें मुहैया कराई जाएं।

आठवले ने अभिनेता केके मेनन के उस आरोप पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें आरोप लगाया कि उनकी क्लिप का इस्तेमाल 'वोट चोरी' अभियान में 'बिना अनुमति' के किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुझे क्लिप के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन अगर इसका इस्तेमाल किया गया था तो लोग अपनी मांगों को लेकर ऐसा करते हैं।

(News Source- आईएएनएस)

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