टोरेंट प्रोजेक्ट को लेकर मनोज जरांगे पाटिल का सरकार पर हमला, सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला को बचाने की भरी हुंकार

Manoj Jarange On Torrent Project: मराठा नेता मनोज जारांगे ने टोरेंट प्रोजेक्ट के लिए काटे जा रहे जंगलों का जायजा लिया। उन्होंने सीएम पर निशाना साधते हुए सह्याद्रि पर्वत को बचाने की हुंकार भरी।
Manoj Jarange In Karjat
कर्जत में पेड़ों की कटाई वाली जगह पहुंचे मनोज जरांगेसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • मनोज जरांगे पाटिल ने कर्जत में काटे जा रहे पेड़ों पर नाराजगी जताई।

  • मनोज जरांगे ने मुख्यमंत्री और सत्ताधारी दल साधा निशाना।

  • स्थानीय आदिवासियों और किसानों के समर्थन में मैदान में उतरने की दी चेतावनी।

Manoj Jarange On Karjat Pump Storage Plant: महाराष्ट्र के रायगड जिले के कर्जत में प्रस्तावित टोरेंट पावर की पंप स्टोरेज परियोजना को लेकर पूरे महाराष्ट्र में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी बीच मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने कर्जत स्थित पाली इलाके के सायडोंगर का अचानक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने उस क्षेत्र का निरीक्षण किया जहां परियोजना के नाम पर हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है। वहां मौजूद स्थानीय निवासियों और किसानों से बातचीत करते हुए उन्होंने सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है।

कर्जत में पेड़ों की कटाई वाली जगह पहुंचे मनोज जरांगे

रायगड से कर्जत पहुंचे मनोज जरांगे ने छत्रपति संभाजी महाराज की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वे स्थानीय सकल मराठा समाज के प्रतिनिधियों के साथ पाली के सायडोंगर पहुंचे। वहां जंगल में काटे गए पेड़ों को देखकर मनोज जरांगे ने कहा कि अगर सरकार सच में 'पर्यावरण के अनुकूल विकास' करना चाहती है, तो उसे स्थानीय किसानों और आदिवासी समुदायों से बात करनी चाहिए और उनकी चिंताओं को सुनना चाहिए।

मनोज जरांगे का पीएम मोदी पर तीखा हमला

मनोज जरांगे ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को ऐसे कदम उठाना बंद करना चाहिए जिनसे जनता को नुकसान पहुंचे, या लोगों के साथ ऐसा व्यवहार करना बंद करना चाहिए मानो उनकी सहमति का कोई महत्व ही न हो।

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मनोज जरांगे ने CM फडणवीस को घेरा

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कहा कि अगर स्थानीय निवासी नहीं चाहते कि पेड़ काटे जाएं, तो मुख्यमंत्री को उनकी इच्छा का सम्मान करना चाहिए। अगर लोग इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं, तो इसे कहीं और स्थानांतरित कर देना चाहिए। उन्होंने जंगल और सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला को नष्ट करने की योजना को तुरंत रोकने की मांग की।

मनोज जरांगे ने आगे कहा कि मैं स्थानीय लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहूंगा। अगर जरूरत पड़ी, तो हम इस मुद्दे के समर्थन में पूरे महाराष्ट्र को यहां ले आएंगे। उन्होंने उन लोगों को चेतावनी दी जो सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला को नष्ट करने पर तुले हुए हैं, यह कहते हुए कि महाराष्ट्र की मिट्टी में ऐसे लोगों को बर्बाद करने की ताकत है और सत्ता में बैठे लोगों से कहा कि वे महाराष्ट्र से प्यार करने वालों के संकल्प की परीक्षा न लें।

CM फडणवीस के पर्यावरण के अनुकूल वाले बयान जरांगे का तंज

सीएम देवेंद्र फडणवीस की पर्यावरण के अनुकूल परियोजनाओं पर तंज कसते हुए मनोज जरांगे ने कहा कि मुख्यमंत्री को तो वकील का लाइसेंस ले लेना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति खुद को विशेषज्ञ और बुद्धिमान मानता है, वह सह्याद्रि के विनाश को कैसे नहीं देख पा रहा है। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि महाराष्ट्र के लोग, जो अपने पर्यावरण से प्यार करते हैं, सह्याद्रि को बर्बाद करने के लिए जिम्मेदार इन नेताओं को चुनाव में सबक सिखाएंगे।

मनोज जरांगे ने कहा कि हम राजनीति नहीं कर रहे हैं, लेकिन सरकार को ऐसी राजनीति नहीं करनी चाहिए। क्या आपने पुराने पेड़ों को काटकर उनकी जगह नए पेड़ लगाने के नाम पर पर्यावरण को नष्ट करने का ठेका ले रखा है? उन्होंने यह भी पूछा कि उन्हें ऐसा करने का अधिकार किसने दिया।

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पेड़ों की कटाई पर CM फडणवीस से पूछा सवाल

मराठा नेता जरांगे ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सह्याद्रि आपको कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि आप साफ और प्राकृतिक हवा के लिए 33 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखते हैं, लेकिन क्या पहले से मौजूद पेड़ों को काटने से प्रदूषण नहीं फैलता?

मुख्यमंत्री के 33 करोड़ पेड़ लगाने के वादे पर तंज कसते हुए मनोज जरांगे ने उन लोगों की नीयत पर सवाल उठाया जो प्रकृति के साथ गहरा रिश्ता होने का दावा तो करते हैं, लेकिन 100 से 200 साल पुराने पेड़ों को काट देते हैं। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि वह साफ करे कि उनके असली रिश्तेदार कौन हैं। उन्होंने पूछा कि क्या टाटा और अडानी आपके असली रिश्तेदार हैं? आपको पहले यह बताना चाहिए।

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