

रायगढ़: हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अखिल भारतीय शिवराज्याभिषेक महोत्सव समिति के माध्यम से 6 तारीख को किले रायगढ़ पर छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक का भव्य आयोजन किया गया। गुरुवार से शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पारंपरिक गीत, नृत्य और खेलों के प्रदर्शन ने समारोह को रंगीन और जीवंत बना दिया।
शिवराज्याभिषेक दिवस के मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह सात बजे हुआ। समारोह का समापन शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर सुवर्णाभिषेक के साथ हुआ, जिसे संभाजी राजे छत्रपती और युवराज शाहाजी राजे ने संयुक्त रूप से संपन्न किया।
इस भव्य आयोजन में रायगढ़ के जिलाधिकारी किशन जावळे, पुलिस अधीक्षक आंचल दलाल, पुलिस आयुक्त दराडे, पूर्व विधायक अनिकेत तटकरे सहित पश्चिम महाराष्ट्र के कई प्रमुख संस्थान प्रमुख और बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित थे।
संभाजीराजे छत्रपती ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने समय के आक्रांताओं को खदेड़कर एक स्वतंत्र और महान साम्राज्य की स्थापना की। इस दिन का महत्व केवल महाराष्ट्र के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। इसलिए इस दिन को राष्ट्रीय त्योहार घोषित किया जाना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास और संस्कृति से जुड़ी रह सकें। स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता-महाराष्ट्र बन रहा कोरोना का हॉटस्पॉट
यह आयोजन छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को सम्मानित करने, उनकी बहादुरी, न्यायप्रियता और दूरदर्शिता को याद दिलाने का अवसर है। इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और स्वाभिमान की भावना को जागृत करते हैं। शिवराज्याभिषेक दिवस को राष्ट्रीय त्योहार के रूप में मान्यता मिलने से यह न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का विषय होगा। यह दिन हमारे राष्ट्रीय इतिहास और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनेगा।