

Chhatrapati Sambhajinagar Road Safety: छत्रपति संभाजीनगर जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से लोगों को 'राह-वीर' योजना की जानकारी व्यापक रूप से देने के निर्देश जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय घायल व्यक्तियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने वाले सेवाभावी नागरिकों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, यह निर्देश उन्होंने गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए।
बैठक में जिले के एसपी डॉ. विनय कुमार राठोड, निवासी उपजिल्हाधिकारी जनार्दन विधाते, विजय काठोले, कार्यकारी अभियंता प्रिया पुजारी, सहायक अधीक्षक अभियंता पूजा रावले, उप विभागीय अभियंता श्रीराम ढाकणे, डी.एम. कोलते, मनपा कार्यकारी अभियंता अमोल कुलकर्णी, जिला साथरोग अधिकारी डॉ. सारिका लांडगे,
डॉ. महेश लड्डा, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संदीप शेलार, पीआई किशोर चौधरी, उपआयुक्त (यातायात) सुभाष भुजंग और पुलिस निरीक्षक आनंद झोटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सेव लाइफ फाउंडेशन के प्रतिनिधि निलेश साळुंके, गौतम सिंह और वैष्णवी कारेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
अक्सर लोग कानूनी प्रक्रिया के डर से दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने से कतराते हैं। ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए 'राह-वीर' योजना के तहत घायल व्यक्ति की मदद कर अस्पताल पहुँचाने वाले नागरिकों को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है। जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने और इसके लिए जिला स्तरीय समिति गठित करने के भी निर्देश दिए।
सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा वर्ष 2023-24 में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार जिले में 209 दुर्घटना संभावित स्थान चिन्हित किए गए है। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष उपाय करने की आवश्यकता है।
इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल, महानगरपालिका, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, गृह विभाग और शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए। दुर्घटना संभावित स्थानों का भौगोलिक चिन्हांकन किया गया है।
इस जानकारी को संस्थाओं को उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वाहन चालको को मोबाइल के माध्यम से पहले ही चेतावनी मिल सकेंगी कि आगे दुर्घटना संभावित क्षेत्र है। साथ ही दुर्घटना के बाद घायलों को जल्द से जल्द उपचार मिल सके, इसके लिए 108 एम्बुलेंस सेवा को भी सुसज्जित रखने के निर्देश दिए गए।