

Vidyanand Bapat Pune Dj Controversy: पुणे गणेशोत्सव के दौरान डीजे और ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता विद्यानंद बापट पर हुए हमले के बाद पुणे में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और आम नागरिकों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
इस बीच, बापट पर हमला करने वाले आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि होने की बात सामने आई है। मामले में पुणे पुलिस द्वारा देर रात तक सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी थी। गणेशोत्सव के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने और उससे होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर इस वर्ष पुणे में विवाद काफी गहरा गया है।
उत्सव के शुरुआती दिनों से ही विद्यानंद बापट डीजे के प्रयोग के खिलाफ अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखते आ रहे हैं। उन्होंने विभिन्न माध्यमों से ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाई है, जिसे व्यापक जनसमर्थन भी मिल रहा है।
हाल ही में डीजे के विरोध में दो अलग-अलग प्रदर्शन भी आयोजित किए गए थे। गुरुवार को एक निजी टीवी चैनल को साक्षात्कार देते समय अचानक एक व्यक्ति ने बापट पर हमला कर दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पूरे शहर में आक्रोश फैल गया।
विधायक रोहित पवार ने 'एक्स' पर घटना की निंदा करते हुए लिखा कि बापट के रुख को तार्किक रूप से समझने के बजाय उन पर हमला करना विकृत मानसिकता का प्रतीक है। किसी मुद्दे पर मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन विरोध का तरीका लोकतांत्रिक होना चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से हमलावरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और बापट को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की मांग की।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के पुणे शहराध्यक्ष विशाल तांबे ने घटना की निदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपना पक्ष रखने का अधिकार है। यदि किसी का विचार पसंद न आए तो वैचारिक विरोध किया जा सकता है, लेकिन हिंसक हमला करना सर्वथा अनुचित है। मैं विद्यानंद बापट पर हुए हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना करता हूँ।
भाजपा के सदन नेता गणेश बिडकर ने स्पष्ट किया कि इस मारपीट की घटना से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, भारतीय जनता पार्टी का इस हमले से किसी भी प्रकार का लेना-देना नहीं है। भाजपा विद्यानंद बापट के साथ मजबूती से खड़ी है।
सांसद सुप्रिया सुले ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अपनी राय व्यक्त करने पर किसी के साथ मारपीट करना महाराष्ट्र की संस्कृति के खिलाफ है। उन्होंने संदेह जताया कि क्या इस घटना के पीछे कोई 'अदृश्य शक्ति' काम कर रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हमले के बाद विद्यानंद चापट ने बताया कि जब वे मीडिया के सवालों के जवाब दे रहे थे, तभी अचानक एक व्यक्ति ने आकर उन पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि घटना का चीडियो फुटेज उपलब्ध है और पुलिस को उसके आधार पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन सपकाल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले व्यक्ति पर हमला करना राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान है
उन्होंने कहा, रविचारों में मतभेद हो सकता है, लेकिन हिंसा उसका समाधान नहीं है। यदि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता छीनने के लिए भीड़तंत्र का सहारा लिया जाएगा, तो सवाल उठता है कि यह महाराष्ट्र है या तालिबान? कानून के शासन में दहशतगर्दी और गुंडागर्दी की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि किसी मुद्दे पर भिन्न राय हो सकती है और उसका समाधान संवाद से निकाला जाना चाहिए, लेकिन शारीरिक हमला किसी भी सूरत मे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी, कि मैंने पुणे पुलिस आयुक्त से बात कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विद्यानंद बापट को तुरंत पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश जारी किए हैं।