Pune: भीमा कोरेगांव स्मारक योजना अटकी, आंबेडकरी समाज ने उठाए गंभीर सवाल

Pune News: भीमा कोरेगांव विजय स्तंभ को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग वर्षों से लंबित है। 100 करोड़ रुपये के विकास प्रस्ताव पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ, जिससे आंबेडकरी समाज में नाराज़गी बढ़ रही है।
Bhima Koregaon Victory Pillar
भीमा कोरेगांव विजय स्तंभ (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: भीमा कोरेगांव विजय स्तंभ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की आंबेडकरी समाज की भावना का गलत फायदा उठाते हुए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्थानीय समिति पिछले कई वर्षों से डेवलपमेंट प्लान के नाम पर आंबेडकरी आंदोलन से ठगी कर रही है।

हाल ही में हुई जिलाधिकारी की बैठक में भी ऐसा ही मामला सामने आया, जिसके बाद सोशालिस्ट रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष राहुल डंबाले ने जिलाधिकारी से अपील की है कि आगे से ऐसी कोई भी कार्यवाही न की जाए।

भीमा कोरेगांव विजय स्तंभ पर महार योद्धाओं के गौरव में राष्ट्रीय स्मारक स्थापित करने की मांग भीमा कोरेगांव विजय स्तंभ शौर्यदिन समन्वय समिति की ओर से लंबे समय से की जा रही है।

शौर्य दिवस के लिए 20 करोड़ रुपये की मांग

  • वर्ष 2018 में तत्कालीन जिलाधिकारी के समन्वय से राज्य सरकार को लगभग 98 करोड़ रुपये का डेवलपमेंट प्लान पेश किया गया था, राज्य सरकार ने इस स्मारक के लिए फंड की कोई कमी नहीं होने का आश्वासन दिया था।
  • तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री धनंजय मुंडे के नेतृत्व में विभाग ने 100 करोड़ रुपये की घोषणा कर जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति को विस्तृत डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए थे।
  • वर्तमान समाज कल्याण मंत्री संजय शिरसाट ने भी स्मारक निर्माण के प्रति सरकार की गंभीरता जताई थी। इसके बावजूद 2018 से अब तक स्मारक के लिए एक रुपये का भी खर्च नहीं किया गया है और न ही कोई ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है। इस कारण आंबेडकरी समाज में गहरी नाराजगी पनप रही है और सरकार से अब और धोखाधड़ी न करने की माग उठ रही है।
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