ठाणे जिला एवं सत्र न्यायालय (सौ. सोशल मीडिया )
Thane News In Hindi: ठाणे की एक अदालत ने नाबालिग बताई जा रही एक लड़की से रेप के आरोपी व्यक्ति को बरी कर दिया है। अदालत ने लड़की की उम्र साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत न होने का हवाला देते हुए कहा कि यह रिश्ता लगभग सहमति से बना था।
पॉक्सो अधिनियम मामलों की विशेष न्यायाधीश रूबी यू मालवणकर ने 13 नवंबर को अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष 22 वर्षीय व्यक्ति के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
आरोपी और पीड़िता भायंदर इलाके में रहते थे। पीड़िता की मां की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। शिकायत में आरोपी पर उत्पीड़न, गालीगलौज और धमकी देने का आरोप लगाया गया था। पीड़िता की जन्मतिथि 24 जून 2003 बताई गई थी और उसकी मां ने जन्म प्रमाणपत्र की फोटोकॉपी जमा करने का दावा किया था।
उस पर भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए और 20 अगस्त 2020 को जमानत पर रिहा कर दिया गया, पीड़िता ने बाद में अपने बयान में दावा किया कि वे एक दूसरे से प्यार करने लगे थे और उनके बीच गहरा रिश्ता था।
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अदालत ने पोक्सो अधिनियम के मामलों में उम्र के महत्वपूर्ण महत्य पर ध्यान दिया। इसमें कहा गया है। पॉक्सससे अधिनियम की धारा 2 (डी) के अनुसार, ‘बच्चा 18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति है। इसलिए अभियोजन पक्ष पर यह साबित करने का प्राथमिक दायित्व है कि पीड़ित एक बच्चा है।