

Supriya Sule Statement On Alliance: महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद उपजे शून्य के बीच, उनकी चचेरी बहन और सांसद सुप्रिया सुले ने पहली बार 'एनसीपी विलय' और 'NDA गठबंधन' में शामिल होने की अटकलों पर अपना रुख स्पष्ट किया है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए सुप्रिया सुले ने जहाँ एक ओर परिवार के कठिन दौर का जिक्र किया, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक भविष्य और दादा (अजित पवार) के अधूरे सपनों को पूरा करने की अपनी नैतिक जिम्मेदारी को दोहराया।
इस दौरान उन्होंने पारिवारिक रिश्तों और आगामी वैवाहिक कार्यक्रमों में अजित पवार की महत्वपूर्ण भूमिका का भी भावुक खुलासा किया।
पिछले कुछ समय से सियासी गलियारों में यह चर्चा गर्म थी कि अजित पवार के निधन के बाद सुप्रिया सुले केंद्र में मंत्री बन सकती हैं। जब मीडिया ने उनसे सीधा सवाल किया कि क्या वह एनडीए में शामिल होंगी?, तो सुप्रिया ने सधे हुए अंदाज में जवाब दिया, "लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने और जानकारी रखने का हक है।" हालांकि, उन्होंने गठबंधन पर कोई स्पष्ट 'हाँ' या 'ना' नहीं कहा, लेकिन उनके इस बयान ने कयासों को और हवा दे दी है।
सुप्रिया सुले ने गुरुवार को अपनी भाभी और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में हुई पुणे जिला योजना समिति की बैठक में ऑनलाइन हिस्सा लिया।
अधूरा सपना: सुप्रिया ने कहा, "अगर दादा होते तो दोनों एनसीपी का विलय हो चुका होता। अब उनके अधूरे सपनों को पूरा करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।"
पार्टी की कमान: चर्चा है कि फरवरी के अंत तक सुनेत्रा पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान संभाल सकती हैं।
एनडीए में रहने का संकेत: सुप्रिया के रुख के बावजूद, सुनेत्रा पवार ने देवेंद्र फडणवीस से मिलकर यह साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी एनडीए का हिस्सा बनी रहेगी।
सुप्रिया सुले ने पहली बार अजित पवार के प्लेन क्रैश पर चुप्पी तोड़ी और कहा कि मुख्यमंत्री ने इसकी विस्तृत जांच का आश्वासन दिया है।
साजिश की आशंका: उन्होंने विधायक रोहित पवार की बेचैनी को स्वाभाविक बताया। रोहित ने इस हादसे में साजिश की आशंका जताते हुए प्रफुल्ल पटेल और सलाहकार नरेश अरोड़ा पर सवाल उठाए हैं।
बेटी की शादी: सुप्रिया ने कन्फर्म किया कि उनकी बेटी रेवती सुले और नागपुर के व्यवसायी सारंग लखानी की शादी तय हो गई है। उन्होंने इसका श्रेय अजित पवार को देते हुए कहा, "रिश्ता तय करने में दादा की बड़ी भूमिका थी और हम 30 जनवरी को इसकी घोषणा करने वाले थे, लेकिन 28 जनवरी को हादसा हो गया।" सुप्रिया को इस बात का संतोष है कि दादा की मौजूदगी में ही यह शुभ कार्य संपन्न हुआ।