पुणे: शिवनेरी किले में शिव जयंती पर मची भगदड़; संकरे रास्तों पर फंसी भीड़, कई महिलाएं और बच्चे घायल

Shivneri Fort Stampede: पुणे के शिवनेरी किले पर शिवाजी महाराज की जयंती पर भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। संकरे रास्तों पर दबने से कई महिलाएं-बच्चे घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया।
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शिवनेरी किले में भगदड़ जैसे हालात, फोटो- सोशल मीडिया
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Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti 2026: छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मस्थान पुणे, शिवनेरी किले पर शिवजयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। भारी जनसैलाब और संकरे रास्तों के कारण किला परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हो गए। पर्याप्त पुलिस बल न होने और प्रशासन की ढीली व्यवस्थाओं को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

शिवनेरी किले पर उमड़ा जनसैलाब

महाराष्ट्र के पुणे जिले के जुन्नर तालुका में स्थित ऐतिहासिक शिवनेरी किले पर इस साल शिवजयंती के मौके पर राज्य के अलग-अलग हिस्सों से भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। किला परिसर रात से ही शिवज्योत लेकर आए युवाओं, विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं और दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था। शिवभक्तों के भारी उत्साह और भारी भीड़ के बीच किले के भीतर आवाजाही अनियंत्रित हो गई।

संकरे रास्तों और भीड़ के दबाव से बिगड़े हालात

हादसे की मुख्य वजह किले के संकरे रास्ते और भीड़ का अचानक बढ़ा दबाव रही। अंबरखाना के नीचे स्थित हाथी दरवाजा इलाके और गणेश दरवाजा जैसे संकरे रास्तों पर अचानक बहुत ज्यादा भीड़ जमा हो गई। रास्ते पहले से ही तंग थे और एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के आगे बढ़ने की कोशिश के कारण स्थिति बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

महिलाएं और बच्चे हुए शिकार; जुन्नर अस्पताल में भर्ती

भीड़ के बेकाबू होने के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और छोटे बच्चों को हुई। इस धक्का-मुक्की के दौरान कुछ महिलाएं और छोटे बच्चे नीचे गिर पड़े और कई लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत जुन्नर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी के हताहत होने या जान जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

प्रशासनिक इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की तैयारियों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। बताया जा रहा है कि बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त नहीं था, जिसके कारण कुछ समय के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल होने वाले इस बड़े आयोजन के बावजूद प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए एंट्री-एग्जिट प्लान, बैरिकेडिंग और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित नहीं की थी। अब भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजामों की मांग की जा रही है।

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