
Photo: ANI/ Twitter
पिंपरी: अभूतपूर्व बगावत के बाद दो धड़ों में बटी शिवसेना (Shiv Sena) के शिंदे खेमे (Shinde Camp) को एक अदद कार्यालय (Party Office) की जरूरत महसूस हो रही है, ताकि पिंपरी-चिंचवड शहर (Pimpri-Chinchwad City) में संगठन का विस्तार हो सके। उद्धव ठाकरे खेमे का आकुर्डी में शिवसेना भवन है। इसके चलते शिंदे सेना ने भी शहर में कार्यालय की खोजबीन शुरू कर दी है। इस क्रम में एमआईडीसी से जमीन की मांग की गई है। इसके लिए दी गई अर्जी में चिंचवड स्थित पिंपरी पुलिस स्टेशन (Pimpri Police Station) के बगल में पुलिस विभाग की जमीन की मांग की गई है।
एमआईडीसी ने इस अर्जी पर पिंपरी-चिंचवड पुलिस से अभिप्राय मांगा है। चूंकि शिंदे सेना सत्ता में आसीन है अतः सब कुछ ठीक रहा तो पिंपरी पुलिस स्टेशन के बगल की जमीन पार्टी कार्यालय के लिए मिलने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। हालांकि यह जमीन पिंपरी पुलिस को किराए से दी गई है और अलग आयुक्तालय बनने के बाद से पिंपरी-चिंचवड पुलिस को जगह की कमी लगातार खल रही है। ऐसे में किसी राजनीतिक दल को पुलिस की जमीन देने का फैसला कितना उचित है? यह सवाल खड़ा हो रहा है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे खेमा लगातार संगठन को बढ़ाने की कोशिश में जुटा हुआ है। पिंपरी-चिंचवड शहर में सांसद श्रीरंग बारणे अपने राजनीतिक सहूलियत के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से चर्चा के बाद शिंदे सेना में शामिल हो गए। उनके समर्थक भी उनके साथ गए हैं। शहर प्रमुख सचिन भोसले, पूर्व विधायक गौतम चाबुकस्वार, सहसंपर्क प्रमुख योगेश बाबर, महिला संगठक उर्मिला कालभोर, सुलभा उबाले, रोमी संधू, विजय गुप्ता आदि पदाधिकारियों ने उद्धव ठाकरे के साथ रहना पसंद किया है। शिवसेना में एक और महत्वपूर्ण नेता राहुल कलाटे ने अब तक अपनी भूमिका स्पष्ट नहीं की है।
गुट को अलग नाम और नया चिन्ह मिलने के बाद शिंदे सेना पिंपरी- चिंचवड शहर में विस्तार में जुट गई है। कुछ ही माह बाद पिंपरी- चिंचवड महानगरपालिका चुनाव होने हैं, इस पृष्ठभूमि में शिंदे सेना को शहर में अपना कार्यालय चाहिए क्योंकि उद्धव सेना का कामकाज आकुर्डी स्थित शिवसेना भवन से शुरू है। इस क्रम में सांसद बारणे के ट्रस्ट के नाम से एमआईडीसी से जमीन की मांग की है। इसकी अर्जी में पिंपरी पुलिस स्टेशन बगल की जमीन मांगी गई है। एमआईडीसी ने इस पर पुलिस विभाग का अभिप्राय मांगा है।
[blockquote content=”फिलहाल चिंचवड में सांसद श्रीरंग बारणे की निजी जमीन पर अस्थायी कार्यालय शुरू कर कामकाज का आरंभ किया जाएगा। स्थायी कार्यालय के लिए एमआईडीसी से पत्राचार किया गया है। ” pic=”” name=”-बालासाहेब वाल्हेकर, जिलाप्रमुख, शिंदे गुट”]






