महाराष्ट्र चुनाव से पहले शरद पवार की पार्टी को मिली राहत, निर्वाचन आयोग ने लिया ये बड़ा फैसला

महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने है। जिसको लेकर महाराष्ट्र की सियासत में जबरदस्त गर्माहट है। इसी चुनावी घमासान के बीच एनसीपी को एक बड़ी राहत मिलती हुई नजर आ रही है जहां शरद पवार की पार्टी को निर्वाचन आयोग की तरफ से चुनावी चंदी लेने की अनुमति मिल गई है।
शरद पवार
शरद पवार (सोर्स:- सोशल मीडिया)
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मुंबई: महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने है। जिसको लेकर महाराष्ट्र की सियासत में जबरदस्त गर्माहट है। इसी चुनावी घमासान के बीच एनसीपी को एक बड़ी राहत मिलती हुई नजर आ रही है जहां शरद पवार की पार्टी को निर्वाचन आयोग की तरफ से चुनावी चंदा लेने की अनुमति मिल गई है।

शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी एनसीपी ने निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया था कि वह जनता से स्वैच्छिक योगदान स्वीकार करने के लिए पार्टी के दर्जे को प्रमाणित करे। आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की प्रासंगिक धाराओं के तहत पार्टी को ‘‘सरकारी कंपनी के अलावा किसी भी व्यक्ति या कंपनी द्वारा स्वैच्छिक रूप से दी गई राशि को स्वीकार करने'' के लिए अधिकृत किया है।

जानें क्या कहता है अधिनियम

जानकारी के अनुसार यह अधिनियम सभी राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले अंशदान को नियंत्रित करता है। राकांपा-एसपी के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अपनी कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले के नेतृत्व में सोमवार को निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की।

अजित पवार के बगावत के बाद गर्माहट बरकरार

आपकी जानकारी के अनुसार पिछले साल जुलाई में, अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत करते हुए महाराष्ट्र विधानसभा में पार्टी के दो-तिहाई से अधिक विधायकों के समर्थन का हवाला देकर चुनाव चिह्न के साथ-साथ पार्टी का नाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर भी दावा किया। आयोग ने अजित पवार गुट के दावे को सही ठहराया और शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट को लोकसभा चुनावों के मद्देनजर अंतरिम उपाय के तौर पर नया नाम चुनने को कहा।

मिली जानकारी के अनुसार राकांपा-एसपी को चंदा स्वीकार करने का अधिकार निर्वाचन आयोग के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका के अंतिम निपटारे तक लागू रहेगा। इसके साथ ही बता दें कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा-एसपी ने महाराष्ट्र में 10 लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ा और आठ पर जीत हासिल की, जबकि अजित पवार की राकांपा ने पांच सीटों पर चुनाव लड़ा और सिर्फ एक पर जीत हासिल कर सकी।

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