RSS के सदस्य थे नाथूराम गोडसे, वीर सावरकर के प्रपोत्र का कोर्ट में बड़ा कबूलनामा, राहुल गांधी केस में नया मोड़

Satyaki Savarkar On Nathuram Godse: पुणे की विशेष कोर्ट में राहुल गांधी मानहानि मामले की जिरह के दौरान सात्यकी सावरकर ने स्वीकार किया कि नाथूराम और गोपाल गोडसे RSS के सक्रिय सदस्य थे।
Satyaki Savarkar On Nathuram Godse
सात्यकी सावरकर व नाथूराम गोडसेसोर्स: सोशल मीडिया
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Satyaki Savarkar On Rahul Gandhi Defamation Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि मामले में पुणे की विशेष MP-MLA अदालत में जिरह के दौरान विनायक सावरकर के चचेरे प्रपौत्र सात्यकी सावरकर ने पुणे की अदालत के सामने माना कि उनकी मां गोपाल गोडसे की बेटी थीं, जो नाथूराम गोडसे के सगे भाई थे। गोडसे और सावरकर परिवार आपस में रिश्तेदार थे। सात्यकी ने माना है कि महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे और उनके भाई गोपाल गोडसे आरएसएस के सक्रिय सदस्य थे।

राहुल गांधी पर मानहानि का मुकदमा

यह मामला राहुल गांधी के उस भाषण से जुड़ा है जो उन्होंने 2023 में लंदन में दिया था। सात्यकी सावरकर का आरोप है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में सावरकर के बारे में गलत और मानहानिकारक बातें कही थीं।

राहुल गांधी की ओर से पेश अधिवक्ता मिलिंद पवार की जिरह के दौरान सात्यकी ने कई अहम बातें स्वीकार कीं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि महात्मा गांधी की हत्या के मामले में नाथूराम गोडसे, गोपाल गोडसे और विनायक दामोदर सावरकर तीनों आरोपी बनाए गए थे।

सात्यकी सावरकर का गोडसे को लेकर कबूलनामा

सात्यकी सावरकर ने कहा कि 'यह सही है कि मेरे नाना गोपालराव गोडसे और विनायक दामोदर सावरकर इस हत्या के मामले में आरोपी थे। यह भी सही है कि मेरे बड़े नाना नाथूराम गोडसे ने दिल्ली के बिड़ला भवन में प्रार्थना सभा के लिए जा रहे महात्मा गांधी को गोली मारकर उनकी हत्या की थी। हालांकि उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि गोली लगने के बाद गांधी करीब 20 मिनट तक वहीं पड़े रहे और उन्हें तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया।

Nathuram Godse assassinated Mahatma Gandhi
नाथूराम गोडसे व महात्मा गांधी की अंतिम यात्राफाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया

नाथूराम गोडसे RSS और हिंदू महासभा के सदस्य थे

कोर्ट में जिरह के दौरान सबसे अहम सवाल RSS की सदस्यता को लेकर पूछा गया। इस पर सात्यकी ने कहा कि यह सही है कि मेरे नाना गोपाल गोडसे और नाथूराम गोडसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय सदस्य थे। उन्होंने यह भी कहा कि नाथूराम गोडसे हिंदू महासभा के सदस्य भी थे। हालांकि उन्होंने 1994 में गोपाल गोडसे के एक कथित इंटरव्यू, नाथूराम गोडसे की संगठनात्मक भूमिका और कुछ अन्य ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी होने से इनकार किया।

कोर्ट में क्या बोले सात्यकी सावरकर?

सात्यकी सावरकर ने कहा, मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि गोपाल गोडसे ने 28 जनवरी 1994 को 'फ्रंटलाइन' मासिक पत्रिका को कोई इंटरव्यू दिया था। मुझे यह भी नहीं पता कि नाथूराम गोडसे ने 1944 में बौद्धिक कार्यकारी के तौर पर काम किया था।

सात्यकी ने कहा कि मुझे यह जानकारी नहीं है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दूसरे प्रमुख माधव सदाशिव गोलवलकर और दिगंबर बडगे को भी महात्मा गांधी हत्याकांड में आरोपी बनाया गया था। मुझे यह नहीं पता कि दिगंबर बडगे को 31 जनवरी 1948 को पुणे से महात्मा गांधी हत्याकांड के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।

मुझे यह भी जानकारी नहीं है कि दिगंबर बडगे ने महात्मा गांधी हत्याकांड मामले में माफी मांगी थी। यह सच है कि नाथूराम गोडसे हिंदू महासभा राजनीतिक पार्टी के सदस्य थे।

गांधी हत्या मामले में कुल 8 लोग थे आरोपी

सात्यकी सावरकर ने अदालत में बताया कि गांधी हत्या मामले में कुल 8 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें नाथूराम गोडसे, नारायण आप्टे, विष्णु करकरे, मदनलाल पाहवा, शंकर किस्तैया, गोपाल गोडसे, विनायक दामोदर सावरकर, डॉ. डी.एस. परचुरे शामिल थे।

रिपोर्ट के अनुसार सात्यकी ने कहा कि नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे को फांसी की सजा हुई, जबकि गोपाल गोडसे को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। सजा पूरी करने के बाद वे करीब 35 साल तक पुणे में रहे और इस दौरान उन्होंने कई किताबें और लेख भी लिखे।

Satyaki Savarkar On Nathuram Godse
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बचाव पक्ष ने जताई आपत्ति

सात्यकी सावरकर के वकील संग्राम कोल्हटकर ने अदालत में आपत्ति जताई कि आरएसएस और गांधी हत्या से जुड़े कई सवाल इस मानहानि मामले से सीधे जुड़े नहीं हैं। इस पर अदालत ने कहा कि इन सवालों की प्रासंगिकता पर अंतिम फैसला सुनवाई पूरी होने के समय किया जाएगा।

राहुल गांधी की आवाज का सैंपल लेने की मांग

सुनवाई के दौरान सात्यकी सावरकर की ओर से अदालत में एक नया आवेदन भी दाखिल किया गया। इसमें मांग की गई कि राहुल गांधी की आवाज का सैंपल लिया जाए ताकि उसकी तुलना लंदन में दिए गए कथित भाषण की ऑडियो रिकॉर्डिंग से की जा सके। आवेदन में कहा गया कि जिरह टुकड़ों में चल रही है, जिससे सुनवाई में देरी हो रही है। राहुल गांधी की ओर से इस मांग का मौखिक विरोध किया गया। अदालत ने उनके वकील से लिखित जवाब मांगा है।

विशेष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर तय की है। इसी दिन राहुल गांधी की आवाज के सैंपल लेने संबंधी आवेदन और सात्यकी सावरकर की जिरह पर आगे की सुनवाई होगी।

Rahul Gandhi Defamation Case Veer Savarkar
राहुल गांधी व वीर सावरकरसोर्स: सोशल मीडिया

राहुल गांधी पर क्यों चल रहा मानहानि मामला?

यह आपराधिक मानहानि का मामला राहुल गांधी के मार्च 2023 में लंदन में दिए गए भाषण से जुड़ा है। राहुल गांधी ने कहा था कि 'सावरकर ने अपनी एक किताब में लिखा है कि उन्होंने और उनके 5-6 दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उस घटना से सावरकर को खुशी मिली थी'। उन्होंने इसे कायरता भरा कृत्य भी बताया था। इस पर सात्यकी ने कहा कि 'ऐसी कोई घटना कभी नहीं हुई और वीर सावरकर ने अपनी किसी भी किताब में ऐसा कुछ नहीं लिखा'।

इसी बयान के आधार पर सात्यकी सावरकर ने अप्रैल 2023 में पुणे की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि राहुल गांधी ने सावरकर के बारे में झूठे और अपमानजनक आरोप लगाए, जिससे सावरकर की प्रतिष्ठा और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचा। शिकायत में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत अधिकतम सजा और मुआवजे की मांग की गई है।

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