NCP Merger Rumors: 'पवार को चेले दे रहे हैं सलाह', एनसीपी विलय की अटकलों पर संजय राउत का बड़ा तंज

NCP Merger News Sanjay Raut: संजय राउत ने एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील तटकरे पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे एनसीपी का निजी मामला बताया।
NCP Merger News Sanjay Raut
NCP Merger News Sanjay Raut (फोटो क्रेडिट-X)
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Sanjay Raut On Shard Pawar And NCP: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन के बाद राज्य की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के विलय को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है। जहाँ शरद पवार गुट के नेता दावा कर रहे हैं कि बातचीत अंतिम दौर में है, वहीं अजित पवार गुट के नेता फिलहाल इन खबरों का खंडन कर रहे हैं। इस सियासी रस्साकशी के बीच शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया देकर आग में घी डालने का काम किया है। गुरुवार (5 फरवरी) को मुंबई में मीडिया से बात करते हुए राउत ने सुनील तटकरे जैसे नेताओं पर निशाना साधा, जो कभी शरद पवार के बेहद करीबी माने जाते थे।

राउत ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह बेहद दिलचस्प है कि जिन लोगों को शरद पवार राजनीति में लाए और जिन्हें सत्ता व प्रतिष्ठा दी, वही अब उन्हें सलाह दे रहे हैं कि पार्टी का भविष्य क्या होना चाहिए।

'INDIA' गठबंधन और MVA पर फोकस

संजय राउत ने स्पष्ट किया कि एनसीपी के दोनों गुटों के बीच क्या चल रहा है, इससे महाविकास अघाड़ी (MVA) या 'इंडिया' गठबंधन का कोई सीधा लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से उनका आंतरिक मामला है। शरद पवार एक अनुभवी नेता हैं और वे अपना निर्णय स्वयं ले सकते हैं। हमारा ध्यान आगामी चुनावों और गठबंधन की मजबूती पर केंद्रित है।" राउत का यह बयान संकेत देता है कि शिवसेना (यूबीटी) फिलहाल इस पारिवारिक और राजनीतिक कलह से दूरी बनाकर अपनी चुनावी रणनीति पर काम करना चाहती है।

सुनील तटकरे और शरद पवार के बीच 'सलाह' की जंग

राउत ने विशेष रूप से सुनील तटकरे का जिक्र करते हुए कहा कि उनके द्वारा शरद पवार को दी जा रही सलाह राजनीति के बदलते दौर का परिचायक है। गौरतलब है कि अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है और वे विधायक दल की नेता चुनी गई हैं, लेकिन पार्टी के 'अध्यक्ष' पद को लेकर अभी भी अजित पवार गुट में खींचतान जारी है। इसी खींचतान के बीच शरद पवार गुट की ओर से 'NCP विलय' का कार्ड खेला गया है, जिसे तटकरे गुट फिलहाल खारिज कर रहा है।

अजित पवार के बाद सुनेत्रा पवार की बढ़ती जिम्मेदारी

28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे ने एनसीपी के भीतर सत्ता का संतुलन बदल दिया है। अजित पवार न केवल पार्टी के अध्यक्ष थे बल्कि महायुति सरकार का एक मजबूत स्तंभ भी थे। उनके जाने के बाद सुनेत्रा पवार को न केवल मंत्रिमंडल में जगह मिली है, बल्कि पार्टी की कमान संभालने की चुनौती भी उनके सामने है। दूसरी ओर, शरद पवार गुट इस मौके का उपयोग पार्टी को फिर से एकजुट करने (Unified NCP) के लिए करना चाहता है। 9 फरवरी को होने वाली जिला परिषद चुनावों की मतगणना के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता किस गुट के साथ खड़े हैं।

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