शब्दों और डेटा के खेल में फडणवीस का कोई जवाब नहीं... चाकण विवाद पर रोहित पवार का तीखा हमला

Rohit Pawar Slams Devendra Fadnavis: चाकण MIDC विवाद और कंपनियों के पलायन को लेकर रोहित पवार ने फडणवीस सरकार को घेरा। जानिए आंकड़ों के खेल और बंद कंपनियों के दावों पर रोहित पवार के तीखे वार।
(rohit pawar vs fadnavis chakan midc controversy)
रोहित पवार और देवेंद्र फडणवीस(सोर्स: एआई फोटो)
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Maharashtra Companies Struck Off: महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों आंकड़ों का युद्ध छिड़ा हुआ है। पुणे के चाकण इंडस्ट्रियल एरिया (MIDC) की बदहाली और कंपनियों के पलायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े राजनीतिक घमासान में बदल गया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता शरद पवार के आरोपों पर जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आंकड़ों के साथ सफाई दी, तो अब युवा नेता रोहित पवार ने मोर्चा संभालते हुए फडणवीस को आड़े हाथों लिया है।

आंकड़ों के खेल में आपका कोई सानी नहीं

रोहित पवार ने सोशल मीडिया के जरिए फडणवीस पर तंज कसते हुए कहा कि शब्दों और आंकड़ों के साथ खेलने में मुख्यमंत्री का कोई मुकाबला नहीं कर सकता, लेकिन असलियत इससे कोसों दूर है। फडणवीस ने दावा किया था कि महाराष्ट्र में बंद हुई 36,211 कंपनियों में से 76 प्रतिशत डिफंक्ट थीं, यानी वे कभी शुरू ही नहीं हुईं।

इस पर पलटवार करते हुए रोहित पवार ने पूछा कि इतनी बड़ी संख्या में कंपनियां पंजीकृत होने के बाद भी शुरू क्यों नहीं हो पाईं? क्या यह सरकार की नीतियों की विफलता नहीं है?

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डिफंक्ट और स्ट्रक ऑफ के बीच का अंतर

रोहित पवार ने केंद्र सरकार की वेबसाइट का हवाला देते हुए फडणवीस के दावे को सुधारने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां डिफंक्ट नहीं बल्कि स्ट्रक ऑफ हुई हैं।

इसका मतलब यह है कि या तो कंपनियों ने अपना व्यवसाय बंद कर दिया या पंजीकरण के बावजूद वे काम शुरू करने में नाकाम रहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि 76 प्रतिशत के अलावा जो शेष 9,000 कंपनियां बंद हुईं, उनके बारे में सरकार चुप क्यों है?

विकास की रफ्तार में पिछड़ता महाराष्ट्र?

देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया था कि महाराष्ट्र नई कंपनियों के पंजीकरण में नंबर-1 है। रोहित पवार ने इसे स्वीकार किया लेकिन एक डराने वाला आंकड़ा सामने रखा। उन्होंने बताया कि भले ही महाराष्ट्र में संख्या ज्यादा हो, लेकिन ग्रोथ रेट के मामले में राज्य पिछड़ रहा है।

आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कंपनी पंजीकरण की वृद्धि दर 453%, गुजरात में 417% और तेलंगाना में 360% है, जबकि महाराष्ट्र में यह केवल 282% ही रह गई है। इसके अलावा, उन्होंने नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स 2026 का जिक्र करते हुए बताया कि बुनियादी ढांचे के मामले में महाराष्ट्र अब 9वें स्थान पर खिसक गया है।

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चाकण विवाद और उद्योग मंत्री पर निशाना

चाकण की समस्याओं पर बोलते हुए रोहित पवार ने कहा कि प्रशासन तभी जागा जब उद्यमियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की आलोचना की। फडणवीस ने 12 अगस्त की जिस बैठक का जिक्र किया था, उसे रोहित ने केवल एक दिखावा बताया। साथ ही, उन्होंने उद्योग मंत्री उदय सामंत पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उद्योग मंत्री राजनीतिक उद्योगों और जोड़-तोड़ में इतने व्यस्त हैं कि उनके पास अपने विभाग के लिए समय ही नहीं है।

रोहित पवार ने अंत में चुनौती देते हुए कहा कि वे जल्द ही इस पूरे विषय पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन देंगे और सरकार को अपना प्रतिनिधि भेजने का न्योता भी दिया। फिलहाल, चाकण का यह विवाद अब महाराष्ट्र की औद्योगिक साख और आगामी चुनावों के बीच एक बड़ा मुद्दा बन गया है।

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