ILS कॉलेज विवाद से लेकर शिवाजी महाराज के सम्मान तक, रोहित पवार ने की राज्यपाल से मुलाकात

Pune ILS College issue: विधायक रोहित पवार ने राज्यपाल से मिलकर पुणे ILS कॉलेज विवाद, काला जादू विरोधी कानून और महापुरुषों के अपमान पर सख्त कानून बनाने की मांग की। जानें पूरी रिपोर्ट।
From the ILS College controversy to the issue of honoring Shivaji Maharaj, Rohit Pawar meets the Governor.
राहित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Rohit Pawar meets Governor: महाराष्ट्र की राजनीति में युवा चेहरों में गिने जाने वाले एनसीपी (SP) विधायक रोहित पवार ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने केवल शिक्षा और प्रशासन ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की अस्मिता और महापुरुषों के सम्मान से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यपाल का ध्यान आकर्षित किया। रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब राज्य में महापुरुषों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वालों पर लगाम कसने के लिए एक विशेष कानून बनाया जाए।

महापुरुषों के सम्मान के लिए की मांग

रोहित पवार ने राज्यपाल के साथ चर्चा के दौरान एक प्रमुख मांग रखी कि पिछले कुछ समय से छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले जैसे महान ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर अपमानजनक टिप्पणियां करने का चलन बढ़ गया है। उन्होंने कहा, हमारे आदर्शों का अपमान महाराष्ट्र सहन नहीं करेगा। राज्यपाल महोदय से अनुरोध किया गया है कि सरकार को ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और एक नया कानून बनाने का निर्देश दें, ताकि भविष्य में कोई भी हमारे इतिहास के साथ खिलवाड़ न कर सके।

पुणे ILS कॉलेज और शिक्षा के मुद्दे

चर्चा का एक मुख्य केंद्र पुणे का प्रसिद्ध ILS लॉ कॉलेज रहा। रोहित पवार ने राज्यपाल को अवगत कराया कि कॉलेज के छात्रों को प्रशासनिक और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि राज्यपाल, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (Chancellor) होने के नाते, इस मामले में हस्तक्षेप करें और छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा सुनिश्चित करें।

जनार्दन वाघमारे का सम्मान और काला जादू विरोधी कानून

रोहित पवार ने नांदेड़ विश्वविद्यालय के पहले कुलपति और महान नेता जनार्दन वाघमारे के संघर्षों को याद करते हुए मांग की कि विश्वविद्यालय परिसर में उनकी एक भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए। साथ ही, उन्होंने राज्य में 'अंधश्रद्धा निर्मूलन' (काला जादू विरोधी) कानून के लचर कार्यान्वयन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानून तो मौजूद है, लेकिन जमीन पर इसका असर नहीं दिख रहा है।

बाबाओं और ढोंगियों द्वारा आम जनता के शोषण को रोकने के लिए इस कानून को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने इन सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और सरकार के साथ इन विषयों पर संवाद करने का आश्वासन दिया है। रोहित पवार ने इस चर्चा को अत्यंत सफल बताया है।

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