

Pune Hadapsar Ghorpadi Third Rail Line: पुणे में हड़पसर और घोरपड़ी के बीच तीसरी रेलवे लाइन की कमीशनिंग के लिए मध्य रेलवे का पुणे मंडल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक बड़े पैमाने पर प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य करेगा। पुणे और हड़पसर यार्ड में होने वाले इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार तथा ओवरहेड उपकरण से जुड़े इन कार्यों के कारण पुणे से गुजरने वाली रेल सेवाएं 16 दिनों तक प्रभावित रहेंगी।
रेलवे ने 42 ट्रेनें पूरी तरह रद्द करने और 25 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का फैसला किया है। इस मेगा ब्लॉक का असर पुणे-मुंबई, पुणे-नागपुर, पुणे-सोलापुर, पुणे-कोल्हापुर के साथ हावड़ा और दक्षिण भारत की ओर जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी पड़ेगा। कई ट्रेनों को बीच के स्टेशनों पर समाप्त किया जाएगा।
जबकि कुछ की शुरुआत वहीं से होगी। मेगा ब्लॉक का सबसे व्यापक असर 3 और 4 अक्टूबर को देखने को मिलेगा। इन दो दिनों में पुणे से चलने वाली कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और उपनगरीय सेवाएं रद्द रहेंगी।
पुणे-सोलापुर, पुणे-नागपुर, पुणे-सीएसएमटी, पुणे-अमरावती और पुणे-कोल्हापुर सहित कई सेवाएं प्रभावित होंगी। पुणे-दौड डेमू और दौड-पुणे डेमू की सेवाएं 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी।
पुणे-बारामती और अन्य डेमू सेवाएं भी अलग-अलग तारीखों पर प्रभावित होगी, रेलवे ने 5 अक्टूबर को अहमदनगर-बीड डेमू की दोनों दिशाओं की सेवाएं भी रद्द रखने की जानकारी दी है। मेगा ब्लॉक के कारण 25 ट्रेनों के मार्ग बदले जाएंगे। पुणे-हावड़ा एक्सप्रेस को लोनावला, कर्जत, पनवेल, कल्याण, इगतपुरी और मनमाड होकर चलाया जाएगा।
पुणे-जम्मूतवी, पुणे-नागपुर और पुणे बनारस जैसी कुछ ट्रेनों को भी निर्धारित तारीखों पर इसी तरह के वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। मुंबई-चेन्नई, निजामुद्दीन-वास्को-द-गामा, चंडीगढ़-यशवंतपुर, कोयंबटूर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस और तिरुवनंतपुरम-लोकमान्य तिलक टर्मिनस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों को भी वैकल्पिक मार्ग दिए गए हैं। इसके कारण कई यात्राओं में दूरी और समय बढ़ने की संभावना है।
ब्लॉक के दौरान कई ट्रेनों को पुणे या हड़पसर तक नहीं लाया जाएगा। उन्हें खड़की, दौंड, सोलापुर, जेजुरी और सातारा जैसे स्टेशनों पर समाप्त किया जाएगा या वहीं से रवाना किया जाएगा। इंदौर-दौंड एक्सप्रेस निर्धारित अवधि में खड़की तक ही आएगी। जोधपुर-हड़पसर एक्सप्रेस भी कुछ तारीखों पर खड़की तक सीमित रहेगी।
जबलपुर-पुणे और रानी कमलापति-पुणे एक्सप्रेस को कुछ दिनों में दौंड में समाप्त किया जाएगा। वहीं हुबली-पुणे एक्सप्रेस 4 अक्टूबर को सातारा तक ही चलेगी और वापसी में पुणे-कोल्हापुर सेवा
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का संशोधित समय और रनिंग स्टेटस जरूर जांचें।
इसके लिए एनटीईएस ऐप या भारतीय रेलवे की आधिकारिक पूछताछ सेवा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार तीसरी लाइन शुरू होने के बाद पुणे क्षेत्र में रेल परिचालन की क्षमता बढ़ेगी।
इससे भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होने के साथ सुरक्षा, गति और समयबद्धता में सुधार होने की उम्मीद है। फिलहाल यात्रियों को 16 दिनों तक होने वाली इस बड़ी परिचालन बाधा के लिए तैयार रहना होगा।