

फर्जी शालार्थ आईडी मामले में शिक्षकों पर प्रशासनिक कार्रवाई तेज।
नासिक में 150 शिक्षकों की मान्यता रद्द, वेतन रोका गया।
नासिकमें 893 और जलगांव में 132 संदिग्ध मामलों पर कार्रवाई।
Maharashtra Fake Shalarth ID Scam: महाराष्ट्र में कथित फर्जी शालार्थ आईडी घोटाले को लेकर शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में संदेह के घेरे में आए शिक्षकों की नियुक्तियों और वेतन संबंधी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
विभाग ने संबंधित मामलों में वेतन रोकने और नियुक्तियों की व्यक्तिगत मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस कार्रवाई से सरकारी वेतन के कथित अनुचित लाभ से जुड़े मामलों की जांच में तेजी आने की उम्मीद है।
मिली जानकारी के अनुसार, नाशिक विभाग में पहले चरण में 150 शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी मान्यता रद्द कर उनका वेतन रोक दिया गया है।
इसके साथ ही विभाग में कुल 893 संदिग्ध मामलों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेजों, अनुमतियों और वेतन रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है। इन मामलों की पड़ताल में अन्य अनियमितताएं सामने आने की भी आशंका है।
जलगांव जिले में भी शालार्थ आईडी घोटाले से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच के बाद 132 लोगों की मान्यता रद्द करने और वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य संदिग्ध नियुक्तियों और सरकारी वेतन से जुड़े कथित अनियमित मामलों की जांच करना है।
नासिक शहर के पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के मार्गदर्शन में एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। टीम संदिग्ध नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। शुरुआत में शिक्षा विभाग से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की चर्चा थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अब प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
शिक्षा विभाग अब नियुक्तियों की व्यक्तिगत मान्यता, वेतन भुगतान और संबंधित दस्तावेजों की वैधता की जांच कर रहा है। नासिक और जलगांव में हुई कार्रवाई के बाद अन्य संदिग्ध मामलों पर भी नजर रखी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घोटाले के वास्तविक दायरे और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।