पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना को मिली रफ्तार, मार्च से मुआवजा वितरण शुरू

Purandar International Airport Project को अब गति मिलती दिख रही है। राज्य मंत्रिमंडल ने 6,000 करोड़ रुपये कर्ज जुटाने को मंजूरी दी है और मार्च से भूमि अधिग्रहण मुआवजा वितरण शुरू होगा।
Purandar International Airport Project
पुरंदर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune New Airport Land Acquisition: लंबे समय से प्रस्तावित पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना को अब रफ्तार मिलने के संकेत मिल रहे हैं। प्रशासन ने मार्च के पहले पखवाड़े से भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा वितरण शुरू करने की तैयारी कर ली है।

राज्य मंत्रिमंडल ने परियोजना के लिए आवश्यक 6,000 करोड़ रुपये कर्ज के रूप में जुटाने को मंजूरी दे दी है, जिससे नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की राह काफी हद तक साफ हो गई है।

बढ़ती जरूरतों को देखते हुए नया एयरपोर्ट

पुणे का मौजूदा पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अपनी क्षमता की सीमा तक पहुंच चुका है। बढ़ती यात्री संख्या, औद्योगिक निवेश और आईटी क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए नए एयरपोर्ट की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। पुरंदर में प्रस्तावित यह परियोजना न केवल पुणे, बल्कि सतारा, सोलापुर और दक्षिण महाराष्ट्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सात गांवों की 3,000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण

इस परियोजना के तहत सात गांवों की लगभग 3,000 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जानी है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को पर्यावरण स्वीकृति और तकनीकी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधा दी जाएगी। सरकार का कहना है कि किसानों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी शंकाओं का समाधान किया जाएगा, ताकि विकास और स्थानीय हितों के बीच संतुलन बना रहे।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से क्षेत्र में निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी। इससे न केवल पुणे बल्कि आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। अब नजर इस बात पर है कि भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं तय समयसीमा में पूरी होती हैं या नहीं।

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