पानी टैंकर की हड़ताल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Pune Municipal Corporation: पुणे शहर में बढ़ती गर्मी और गहराते जल संकट के बीच पानी के टैंकर संचालकों ने बुधवार, 15 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। इस निर्णय के चलते शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति बाधित होने की गंभीर आशंका उत्पन्न हो गई है, जिससे आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
पुणे टैंकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों, अनिल डांगे और सचिन माने ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की कठोर नीतियों, भारी जुर्माने और निरंतर होने वाली दंडात्मक कार्रवाई के कारण टैंकर व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
उनका आरोप है कि पुणे महानगर पालिका (Pune Municipal Corporation) द्वारा लागू किए गए नए नियम अव्यावहारिक हैं, जिससे संचालकों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। इसी गतिरोध के कारण विवश होकर उन्हें हड़ताल जैसा कड़ा कदम उठाना पड़ा है।
पीएमसी के जल विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि यह कार्रवाई नागरिकों से की जा रही अवैध वसूली, बिना अनुमति जल दोहन और अनियंत्रित दरों पर अंकुश लगाने के लिए की जा रही है। नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना जनहित में आवश्यक है।
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वाघोली, खराड़ी, हडपसर और लोणीकंद जैसे उपनगरों की बड़ी आबादी निजी टैंकरों पर आश्रित है। ऐसे में हडताल का सीधा प्रभाव हजारों परिवारों, हाउसिंग सोसायटियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कामकाज पर पड़ेगा।
स्थानीय नागरिकों राजेश गुप्ता एवं सीमा पाटिल ने कहा कि यदि हड़ताल लंबी खिंची, तो पीने के पानी के साथ-साथ अन्य दैनिक जरूरतों के लिए भी परेशानी बढ़ जाएगी। टैंकर यूनियन के साथ त्वरित वार्ता कर बीच का रास्ता निकाला जाए।