पुणेकरों पर लटकी 10% पानी कटौती की तलवार! खड़कवासला परियोजना पर बढ़ा दबाव, रबी-गांवों के लिए छोड़ा जा रहा पानी

Pune Water Cut Danger: पुणे जिले के खड़कवासला परियोजना में 27.40 TMC पानी उपलब्ध है। पुणे मनपा ने 21 TMC पानी सुरक्षित रखने की मांग की है, जिसके लिए 10% कटौती का सुझाव दिया गया है।
Pune Water Cut Khadakwasla
खड़कवासला परियोजना जलभंडारसोर्स: सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Pune Water Cut Khadakwasla: पुणे जिले के खड़कवासला परियोजना के 27.40 टीएमसी जलभंडार पर पुणे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों का दबाव बढ़ गया है। मनपा ने शहर के लिए 21 टीएमसी पानी सुरक्षित रखने की मांग की है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अगले 40 दिनों में करीब 4 टीएमसी पानी की जरूरत है। 10% कटौती का सुझाव भी दिया गया है।

27.40 टीएमसी पानी, लेकिन मांग लगातार बढ़ी

पुणे जिले के खड़कवासला परियोजना के जलभंडार पर पुणे शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों का दबाव बढ़ता जा रहा है। परियोजना में फिलहाल करीब 27.40 टीएमसी पानी उपलब्ध है। पुणे महानगरपालिका ने शहर की जलापूर्ति के लिए 21 टीएमसी पानी सुरक्षित रखने की मांग की है। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और रबी फसलों की जरूरत पूरी करने के लिए अगले 40 दिनों में करीब 4 टीएमसी पानी और छोड़े जाने की संभावना है।

इन सभी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जलभंडार का विस्तृत नियोजन किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही पुणे शहर में पानी कटौती को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

Pune Water Cut Khadakwasla
पवना बांध लबालब, फिर क्यों सूखे नल? पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ की सोसायटियों में पानी का संकट; आंदोलन की चेतावनी

सूखे जैसी स्थिति से बढ़ा दबाव

जिले के कुछ हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार की उपसमिति ने जलापूर्ति में 10 प्रतिशत कटौती का सुझाव दिया है। इसके आधार पर जलसंपदा विभाग ने नियोजन शुरू कर दिया है।

अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के लिए करीब 6.5 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है। दौंड शहर सहित करीब 100 गांवों के पेयजल के लिए तालाब भरने और रबी फसलों को बचाने के लिए यह पानी छोड़ा जा रहा है।

खड़कवासला सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता प्रवीण कोल्हे के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र के लिए निर्धारित जल आरक्षण के अनुसार पानी छोड़ना आवश्यक है। मनपा की मांग और ग्रामीण क्षेत्रों के आवर्तन के लिए पानी अलग रखने के बाद बचने वाले जलभंडार का 31 अगस्त 2027 तक नियोजन किया जाएगा।

Pune Water Cut Khadakwasla
एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेताओं का सातारा में ग्रैंड वेलकम, कलेक्टर-एसपी ने खिलाड़ियों का किया सम्मानित

रबी फसलों को बचाने के लिए पानी

जलसंसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील के निर्देश के बाद रबी का आवर्तन शुरू किया गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और किसानों की मांग पर खेतों में खड़ी फसलों को बचाने के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में शहर की पेयजल जरूरत और ग्रामीण क्षेत्रों की सिंचाई जरूरत के बीच संतुलन बनाना जलसंपदा विभाग के लिए चुनौती बन गया है।

आचार संहिता के बाद होगी बैठक

विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आचार संहिता लागू होने के कारण कालवा सलाहकार समिति की बैठक फिलहाल नहीं हो सकती। आचार संहिता समाप्त होने के बाद बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद पुणे शहर के लिए पानी कटौती की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

आगामी मानसून में जून के अंत तक बांधों में पानी की आवक शुरू होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए जलभंडार का नियोजन किया जा रहा है। फिलहाल कटौती का अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन उपलब्ध पानी और बढ़ती मांग के कारण पुणेकरों की चिंता जरूर बढ़ गई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com