

जल संकट के बीच पुणे मनपा ने स्विमिंग पूल और कार वॉश सेंटर बंद करने के निर्देश दिए।
शहर के 35 में से 20 स्विमिंग पूल चालू; संचालकों ने राहत की मांग की।
क्लोरीनयुक्त पानी के निर्माण कार्यों में इस्तेमाल के विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
Pune Water Crisis PMC Swimming Pools: पुणे शहर में घटते जल भंडार और कम बारिश के बीच पानी बचाने के लिए पुणे मनपा ने स्विमिंग पूल और कार वॉश सेंटर बंद करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अब प्रशासन के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है।
स्विमिंग पूल में मौजूद क्लोरीनयुक्त पानी का वैकल्पिक इस्तेमाल कैसे किया जाए? बिना उचित उपचार के इस पानी का उपयोग पीने, घरेलू कामों या पौधों को सींचने के लिए नहीं किया जा सकता। ऐसे में बड़ी मात्रा में उपलब्ध पानी को व्यर्थ होने से बचाने के विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
स्विमिंग पूल संचालकों के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में मनपा अधिकारियों से मुलाकात कर बंदी के फैसले पर अपनी चिंताएं रखीं। इसके बाद प्रशासन ने 27 अक्टूबर को जिलाधिकारी के साथ बैठक कर पानी कटौती के अगले चरण और संचालकों की मांग पर विचार करने की तैयारी की है। मनपा की अतिरिक्त आयुक्त पवनीत कौर के अनुसार, स्विमिंग पूल संचालकों ने प्रशासन को बताया है कि पूल का पूरा पानी बार-बार नहीं बदला जाता, बल्कि समय-समय पर लगभग 10 से 20 प्रतिशत पानी ही बदला जाता है।
इसलिए उन्होंने पूल चालू रखने की अनुमति देने की मांग की है। कौर ने कहा कि राज्य में सूखे जैसी स्थिति और जल संकट को देखते हुए मनपा पहले ही 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू कर चुकी है। राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, जिलाधिकारी परिस्थितियों के मुताबिक कटौती तय कर सकते हैं। पुणे के जिलाधिकारी ने 20 प्रतिशत कटौती लागू करने को कहा है। इस पर आगे का निर्णय 27 अक्टूबर की बैठक में लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुराने पाइपों में रिसाव से पानी बर्बाद होने की आशंका है।
पुणे शहर में कुल 35 स्विमिंग पूल संचालित करती है, जिनमें से 20 फिलहाल चालू है। सभी पूल निजी संचालकों के प्रबंधन में है। मनपा की स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भीमाले ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिबंध के बावजूद चालू पाए जाने वाले स्विमिंग पूल और कार वॉश सेंटरों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने और अगली स्थायी समिति बैठक में कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने को कहा।
पुणे मनपा ने जल सरक्षण के तहत 15 अक्टूबर से हर गुरुवार शहर की जलापूर्ति बंद रखने की व्यवस्था शुरू की है। राज्य सरकार ने 16 अक्टूबर से स्थानीय निकायों को पानी की खपत कम से कम 10 प्रतिशत घटाने और उपलब्ध जल भंडार को 31 अगस्त 2027 तक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
मनपा के अधिकारियों के मुताबिक, स्विमिंग पूल संचालक सामान्य तौर पर पानी को फिल्टर कर दोबारा इस्तेमाल करते हैं। पूल बंद होने पर बड़ी मात्रा में पानी उपलब्ध होगा, इसलिए उसके पुनः उपयोग के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
निर्माण कार्यों में उपचारित पानी के उपयोग की संभावना है। मनपा ने 7 अक्टूबर को शहर के सभी डेवलपर्स को पीने योग्य पानी के बजाय उपचारित पानी इस्तेमाल करने के निर्देश दिए थे।
हालांकि, स्विमिंग पूल के क्लोरीनयुक्त पानी को निर्माण कार्यों में इस्तेमाल करने से पहले उसकी उपयुक्तता और जरूरी उपचार सुनिश्चित करना होगा। मनपा के उपायुक्त एवं खेल विभाग प्रमुख संतोष तेंगले ने कहा कि प्रशासन पूल में जमा पानी के उपयोग के विभिन्न विकल्प तलाश रहा है।