

पुणे के वडाचीवाडी तालाब से गाद निकालने का काम लंबे समय से ठप।
नगरसेवक निवृत्ति बांदल ने PMC पर लापरवाही का आरोप लगाया।
तालाब के पुनर्जीवन, विशेष फंड और वैज्ञानिक तरीके से सफाई की मांग।
Pune Vadachiwadi Lake Nivriti Anna Bandal: तेजी से बढ़ते शहरीकरण और संभावित जल संकट के बीच पुणे महानगरपालिका (PMC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। प्रभाग क्रमांक 41 के नगरसेवक निवृत्ति अण्णा बांदल ने वडाचीवाडी तालाब की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन की आलोचना की है।
उनका आरोप है कि तालाब से गाद निकालने का काम लंबे समय से ठप पड़ा है। इससे इस महत्वपूर्ण प्राकृतिक जलस्रोत की जल संग्रहण क्षमता और पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
पुणे शहर नगरसेवक बांदल ने कहा कि शहर में भविष्य में पानी की किल्लत की आशंका को देखते हुए प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए तालाबों की नियमित सफाई, समय पर गाद निकासी और प्रदूषण रोकने के उपाय जरूरी हैं।
उनके मुताबिक, वडाचीवाडी तालाब की देखरेख में लापरवाही के कारण स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। तालाब की स्थिति में सुधार के लिए नियमित रखरखाव और प्रभावी निगरानी की आवश्यकता है।
तालाब की सफाई और रखरखाव का काम निजी ठेकेदारों को सौंपने की व्यवस्था पर भी बांदल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि काम ठेकेदारों को सौंपने के बावजूद PMC अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती।
उनके अनुसार, सार्वजनिक धन के उचित इस्तेमाल और काम में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों के काम की नियमित जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही तय समयसीमा के भीतर सफाई और गाद निकालने का काम पूरा कराने की जरूरत है।
वडाचीवाडी तालाब को पुनर्जीवित करने के लिए बांदल ने राज्य और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने तालाब के संरक्षण के लिए विशेष निधि जारी करने और वैज्ञानिक पद्धति से गाद निकालने की समयबद्ध योजना लागू करने का आग्रह किया है।
उन्होंने तालाब को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी ठोस कदम उठाने की मांग की। संभावित जल संकट के मद्देनजर प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण शहर की दीर्घकालिक जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। अब इस मुद्दे पर PMC प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर स्थानीय नागरिकों की नजर रहेगी।