पुणे में वंदे भारत ट्रेन डिरेलमेंट मामले में बड़ा खुलासा, ट्रैक की तकनीकी खामी आई सामने
Pune Vande Bharat Derail की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में रेलवे ट्रैक की तकनीकी खामियां और इंजीनियरिंग विभाग की लापरवाही सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज ने हादसे की पूरी तस्वीर साफ कर दी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे वंदे भारत डिरेलमेंट (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Vande Bharat Derail Railway Track: मुंबई-सोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस के पुणे रेलवे स्टेशन के पास हुए डिरेलमेंट मामले को एक महीना पूरा हो चुका है। रेलवे की जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पुणे मंडल के डीआरएम को सौंप दी है।
जांच रिपोर्ट और हादसे के सीसीटीवी फुटेज से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जो सीधे तौर पर रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की तकनीकी गलती और लापरवाही की ओर इशारा कर रहे हैं। दुर्घटना के बाद मध्य रेलवे द्वारा गठित जांच समिति ने ट्रैक संरचना में गंभीर खामियों की पुष्टि की है। अब रेलवे की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
बेपटरी होने का सच आया सामने
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, जांच समिति ने हादसे से जुड़े सीसीटीवी फुटेज का गहन निरीक्षण किया। फुटेज में साफ दिखाई दिया कि जब वंदे भारत ट्रेन डायमंड क्रॉसिंग से गुजर रही थी, तभी चौथे कोच की पहली ट्रॉली अचानक पटरी से उतर गई। हालांकि हैरानी की बात यह रही कि उसी कोच की दूसरी ट्रॉली और उसके पीछे लगे पांचवें कोच की ट्रॉली सामान्य रूप से ट्रैक पर चलती रही।
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डायमंड क्रॉसिंग पर हलचल हादसे की वजह
जांच में यह भी सामने आया कि नॉन-स्टैंडर्ड डायमंड क्रॉसिंग पर ट्रेन गुजरने के दौरान ट्रैक के ढांचे में असामान्य हलचल हुई थी। इसी हलचल से ट्रॉली का संतुलन बिगड़ा और डिरेलमेंट हुआ। यह घटना ट्रैक इंजीनियरिंग में गंभीर खामियों और रखरखाव में लापरवाही का नतीजा है। ट्रैक की संरचना निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं थी।
तकनीकी मानकों की अनदेखी से पहिए फिसले
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि डायमंड क्रॉसिंग क्षेत्र में गार्ड रेल के बीच की दूरी तय मानक से अधिक थी। रेलवे नियमों के अनुसार, गार्ड रेल का काम ट्रेन के पहियों को नियंत्रित रखना और संतुलन बनाए रखना होता है, लेकिन तकनीकी मानकों की अनदेखी से पहिए असंतुलित – हो गए। घटना के समय ट्रेन 10 किमी प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रही थी।
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कम गति होने के कारण बड़ा हादसा टल गया, मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी – डॉ। स्वप्निल नीला ने पुष्टि की है कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट डीआरएम को सौंप दी गई है और सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। तकनीकी लापरवाही के लिए जिम्मेदार इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुणे से नवभारत लाइव के लिए शैलेंद्र सिंह की रिपोर्ट
