Pune FDA Action: जहरीली शराब से 19 मौतों के बाद बड़ी कार्रवाई, 28 कंपनियों के लाइसेंस निलंबित, 15 रद्द

Maharashtra FDA Action: पुणे में जहरीली शराब से 19 लोगों की मौत के बाद एफडीए ने बड़ी कार्रवाई की है। मिथेनॉल का अवैध उपयोग रोकने के लिए 15 कंपनियों के लाइसेंस रद्द और 28 के निलंबित किए गए हैं।
Major action by the FDA following the spurious liquor incident in Pune
प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Pune Spurious Liquor Tragedy: पुणे में जहरीली शराब से 19 लोगों की मौत की घटना के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मिथेनॉल से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई तेज कर दी है।

पुणे विभाग में मिथेनॉल से संबंधित सभी 102 लाइसेंसधारी कंपनियों की जांच पूरी कर ली गई है। इनमें से 28 कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 15 कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।

चार महीने से चल रहा जांच अभियान

जहरीली शराब की घटना के बाद राज्यभर में मिथेनॉल से संबंधित कंपनियों की गतिविधियों की जांच शुरू की गई थी। महाराष्ट्र में मिथेनॉल से जुड़ी सबसे अधिक कंपनियां पुणे विभाग में होने के कारण यहां विशेष रूप से जांच अभियान चलाया गया।

पिछले चार महीनों से जारी इस प्रक्रिया के तहत सभी 102 लाइसेंसधारी कंपनियों का निरीक्षण और सत्यापन पूरा कर लिया गया है।

43 कंपनियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई

जांच के बाद 28 कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए और 15 कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए गए। इस तरह कुल 43 कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। हालांकि, संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के अलग-अलग कारणों और नियम उल्लंघन के मामलों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया गया है।

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मिथेनॉल के भंडारण और बिक्री पर निगरानी

मिथेनॉल के भंडारण, खरीद-बिक्री और रखरखाव को लेकर पहले से ही नियम निर्धारित हैं। FDA का जोर नए नियम बनाने के बजाय मौजूदा प्रावधानों का प्रभावी ढंग से पालन कराने पर है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कंपनियां मिथेनॉल का इस्तेमाल और भंडारण निर्धारित नियमों के अनुसार करें।

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जांच और सत्यापन की प्रक्रिया रहेगी जारी

महाराष्ट्र एफडीए के अनुसार, कंपनियों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जहरीली शराब की घटना के बाद मिथेनॉल से जुड़े कारोबार पर निगरानी बढ़ाने को सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लाइसेंस निलंबन और लाइसेंस रद्द करना अलग-अलग प्रशासनिक कार्रवाइयां हैं। इसलिए दोनों के कानूनी प्रभाव और संबंधित कंपनियों की स्थिति को समझने के लिए विभाग के आधिकारिक आदेशों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

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