Pune Court ने दिया जमानत आदेश, शिकायत में हुई देरी को माना अहम बिंदु
Pune की विशेष अदालत ने बालेवाड़ी पुलिस स्टेशन के यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी प्रफुल्लकुमार रायचंद लोढ़ा को जमानत दी। कोर्ट ने शिकायत दर्ज करने में 50 दिन की देरी को अहम माना।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे कोर्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: पुणे की विशेष एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुचेता एम टाकलकर की अदालत ने बालेवाड़ी पुलिस स्टेशन में दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी प्रफुल्लकुमार रायचंद लोढ़ा को जमानत दे दी है।
यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 483 के तहत नियमित जमानत याचिका पर दिया गया। कोर्ट ने आरोपी प्रफुल्लकुमार रायचंद लोढ़ा (62) के वकील ने दलील दी कि शिकायत दर्ज कराने में दो महीने (50 दिन) की देरी हुई।
आरोपी एक राजनीतिक और सामाजिक हस्ती हैं और उन्हें झूठा फंसाया गया है। शिकायतकर्ता की उम्र 42 साल है और उनके बच्चे 14, 12 और 8 वर्ष के हैं। कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता अपने कार्य और उसके परिणामों को समझने की उम्र की हैं। शिकायत दर्ज करने में दो महीने की देरी हुई। अदालत ने इसको गौर किया।
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क्या है मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता एक विवाहित महिला है जिसके दो बच्चे हैं। वह आरोपी को पिछले 15-20 वर्षों से जानती है। महिला अपने पति के लिए नौकरी के सिलसिले में आरोपी से मिली थी।
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शिकायत के अनुसार, 27 मई 2025 को आरोपी ने महिला को पुणे के ऑर्किड होटल में बुलाया। जब महिला अपनी सहेली के साथ वहां पहुंची, तो आरोपी ने उस को बाहर भेज दिया। आरोप है कि आरोपी ने कमरा अंदर से बंद करके महिला को जबरन शराब पिलाई और उसके साथ बलपूर्वक शारीरिक संबंध बनाए तथा उसे धमकी दी।
