Vishal Agarwal Bail Celebration Viral Video: महाराष्ट्र के पुणे का बहुचर्चित कल्याणी नगर पोर्शे कार हादसा एक बार फिर चर्चा में है। इस दर्दनाक हादसे में शामिल नाबालिग आरोपी के पिता और शहर के नामी बिल्डर विशाल अग्रवाल को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने लोगों का गुस्सा एक बार फिर से भडका दिया है।
इस मामले में आरोपी नाबालिग आरोपी के विशाल अग्रवाल की जमानत पर रिहाई के बाद सोशल मीडिया पर एक जश्न का वीडियो वायरल हो रहा है। कहा जा रहा है कि जेल से बाहर आने के बाद अग्रवाल परिवार ने एक भव्य पार्टी की। इसका एक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में विशाल अग्रवाल और उनकी पत्नी गले में नोटों की माला पहनकर डांस करते और जश्न मनाते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में कथित तौर पर आरोपी नाबालिग बेटा भी दिख रहा है। जश्न के दौरान बैकग्राउंड में 'बम्बई से आया मेरा दोस्त, दोस्त को सलाम करो' सांग बज रहा है।
हालांकि, पुलिस या जांच एजेंसियों द्वारा अभी तक आधिकारिक तौर पर इस वीडियो के हालिया होने की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इंटरनेट पर इसे जमानत मिलने की खुशी से जोड़कर देखा जा रहा है। नवभारत लाइव भी इस वीडियो को लेकर कोई दावा या पुष्टि नहीं करता।
पुणे पोर्शे कार एक्सीडेंट के आरोपी का जश्न वाला वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर नेटिजन्स का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग रसूखदार परिवारों की संवेदनहीनता और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि जिस परिवार के बेटे की लापरवाही से दो बेगुनाह युवाओं की जान चली गई, वह इतनी बेशर्मी से जश्न कैसे मना सकता है?
बता दें कि 19 मई 2024 को तड़के पुणे के कल्याणी नगर जंक्शन पर यह दर्दनाक हादसा हुआ है। विशाल अग्रवाल का 17 वर्षीय नाबालिग बेटा कथित तौर पर शराब के नशे में एक करोड़ों की पोर्शे कार चला रहा था। इस दौरान तेज रफ्तार कार ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मारी। इस हादसे में मध्य प्रदेश के रहने वाले दो युवा आईटी इंजीनियरों अनीश अवधिया (24) और अश्विनी कोस्टा (25) की मौके पर ही मौत हो गई थी।
इस हादसे की जांच को लेकर शुरुआत से ही सवाल उठ रहे थे। हादसे के बाद नाबालिग आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस (JJ) बोर्ड में पेश किया गया, जहां से उसे महज 15 घंटे में मामूली शर्तों पर जमानत मिल गई थी। नाबालिग को सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों का निबंध लिखने और ट्रैफिक पुलिस के साथ 15 दिन काम करने शर्त पर छोड़ दिया था। बाद में इस सजा को लेकर काफी बवाल हुआ।
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आरोपी अग्रवाल परिवार पर पैसे और रसूख का इस्तेमाल करने के भी आरोप लगे। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अग्रवाल परिवार ने रसूख के दम पर ससून अस्पताल के डॉक्टरों के साथ मिलकर नाबालिग के ब्लड सैंपल को बदलवा दिया था, ताकि खून में शराब की पुष्टि न हो।
इस खुलासे के बाद पुणे पुलिस ने नाबालिग के पिता बिल्डर विशाल अग्रवाल, उसके दादा और पब मालिकों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया था और नाबालिग को सुधार गृह भेज दिया गया था। अब इतने गंभीर आरोपों के बावजूद पिता को जमानत मिलने और उसके बाद इस तरह का जश्न मनाने का वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर सिस्टम और अमीरों के प्रभाव को लेकर बहस छिड़ गई है।