एक्शन प्लान फेल, पुणे में बढ़ते प्रदूषण पर एमपीसीबी का शिकंजा, पीएमसी को नोटिस

Pune Pollution: पुणे में बढ़ते वायु, जल व ठोस कचरा प्रदूषण पर MPCB ने कड़ा रुख अपनाया है। एक्शन प्लान में गंभीर खामियां मिलने पर PMC को कारण बताओ नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
Action Plan Fails: MPCB Cracks Down on Rising Pollution in Pune; Issues Notice to PMC
Pune Waste Management Crisis ( Source: Social Media )
Published on
Updated on

Pune Waste Management Crisis: पुणे शहर में बेलगाम बढ़ते वायु, जल और ठोस कचरा प्रदूषण पर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) ने कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

हाल ही में एमपीसीबी चेयरमैन सिद्धेश कदम और मनपा अधिकारियों के बीच हुई बैठक में पेश किए गए 'एक्शन प्लान' में कई गंभीर कमियां पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है।

नदियों में जहर घोल रहा बिना उपचारित पानी

एमपीसीबी के अनुसार, पुणे में रोजाना 980 मिलियन लीटर सीवेज पैदा होता है, लेकिन उपचार क्षमता कम होने के कारण लगभग 500 मिलियन लीटर गंदा पानी सीधे मुला-मुठा नदियों में बहाया जा रहा है। बोर्ड ने आदेश दिया है कि अगले 6 महीनों में सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) चालू किए जाएं, 4 महीने के भीतर शहर में सीवेज पाइपलाइन का जाल बिछाया जाए और 15 दिनों में नालों के शुद्धिकरण के लिए अल्पकालीन और दीर्घकालीन योजना सौंपी जाए।

कचरा प्रबंधन पर सख्ती

ठोस कचरा प्रबंधन में विफलता पर बोर्ड ने निर्देश दिया है कि स्रोत स्तर पर 100% कचरा पृथक्करण और बायोमाइनिंग की रिपोर्ट पेश की जाए, साथ ही, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल और खुले में कचरा जलाने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण स्थलों के लिए नई नियमावली और वाहन प्रदूषण नियंत्रण पर भी जोर दिया गया है।

कार्रवाई की चेतावनी

एमपीसीबी ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्देशों पर तत्काल अमल नहीं हुआ, तो मनपा पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, पीएमसी अधिकारियों का दावा है कि कई परियोजनाएं मंजूरी के इंतजार में लंबित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो पुणे का पर्यावरणीय संकट स्वास्थ्य आपातकाल में बदल सकता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com