पुणे पुलिस की 'रील स्टार' लेडी कांस्टेबल और PSI ने महिला प्रिंसिपल को किया ब्लैकमेल, 7 लाख की वसूली से हड़कंप

पुणे में महिला प्रिंसिपल से 7 लाख की वसूली का मामला, पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज।
Pune Police Extortion Case
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Police Extortion Case: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कानून के रखवालों ने ही भक्षक का रूप धारण कर लिया। अपराधियों पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी जिन पर होती है, उन्हीं पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर वसूली किए जाने से पुणे पुलिस विभाग में बड़ा हड़कंप मच गया है। एक नामी शैक्षणिक संस्था की महिला प्रिंसिपल को ब्लैकमेल कर 7 लाख रुपये वसूलने के मामले में एक पुलिस उपनिरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

कौन हैं आरोपी पुलिसकर्मी?

पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। आरोपियों के नाम अजीत बडे, सोनाली हिंगे और सुदाम तायडे बताए जा रहे हैं। पुलिस उपनिरीक्षक अजीत बडे फिलहाल साइबर पुलिस स्टेशन में तैनात हैं। वहीं सोनाली हिंगे शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में दामिनी मार्शल के रूप में कार्यरत हैं और सोशल मीडिया पर ‘रील स्टार’ के तौर पर भी जानी जाती हैं। सुदाम तायडे भी शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में पदस्थ हैं।

पुलिस होने का डर दिखाकर कानूनी कार्रवाई की धमकी

पुणे की एक शैक्षणिक संस्था की महिला प्रिंसिपल को इन तीनों ने मिलकर जाल में फंसाया। उन्होंने प्रिंसिपल को धमकाया कि उनके खिलाफ ‘पॉक्सो’ के तहत गंभीर मामला दर्ज हो सकता है और उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। पुलिस होने का डर दिखाकर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई और मामला रफा-दफा करने के बदले 7 लाख रुपये की मांग की गई। गिरफ्तारी और बदनामी के डर से प्रिंसिपल ने यह रकम दे दी। बाद में मामला संदिग्ध लगने पर उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की।

पुलिस आयुक्त की सख्त कार्रवाई

शिकायत मिलते ही पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने तत्काल जांच के आदेश दिए। प्राथमिक जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए केस दर्ज करने के निर्देश दिए। जनता की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी ही जब वर्दी का दुरुपयोग कर वसूली करें, तो पुलिस पर भरोसा कमजोर होता है। इस घटना से पुणे पुलिस की छवि पर असर पड़ा है।