

NEET Paper Leak Accused Manisha Waghmare Bail News: नीट पेपर लीक मामले की आरोपी मनीषा वाघमारे को वर्टिगो नामक बीमारी से पीड़ित होने के कारण जमानत देने की मांग उसके वकीलों ने अदालत में की। हालांकि अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल चिकित्सकीय समस्याओं को सीधे जमानत से जोड़कर नहीं देखा जा सकता और इस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने मनीषा वाघमारे की स्वास्थ्य स्थिति का मुद्दा उठाया।
मनीषा वाघमारे की तरफ से बताया कि वर्टिगो के कारण उसे बार-बार चक्कर आते हैं, संतुलन बिगड़ता है और नियमित इलाज की आवश्यकता होती है। इसी आधार पर जेल में रहना उसके लिए कठिन बताया गया और जमानत देने की मांग की गई।
वहीं सरकारी पक्ष ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा कि जेल प्रशासन द्वारा कैदियों को सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि आरोपी की तबीयत बिगड़ती है तो तुरंत इलाज की व्यवस्था भी की जा सकती है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि चिकित्सकीय समस्याओं को जमानत के आधार से अलग रखकर देखा जाना चाहिए, क्योंकि जेल में भी पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं।
अदालत ने आगे कहा कि केवल स्वास्थ्य संबंधी आधार पर जमानत देने का निर्णय तब ही लिया जा सकता है जब परिस्थितियां विशेष हों। इस मामले में सभी तथ्यों को मिलाकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
नीट पेपर लीक मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच एजेंसियां इस मामले में आर्थिक लेन-देन, पेपर प्राप्त करने के कथित नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही हैं। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। आने वाले दिनों में इस पर आदेश आने की संभावना है, जिसके बाद स्पष्ट होगा कि मनीषा वाघमारे को राहत मिलेगी या उसकी याचिका खारिज की जाएगी।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले में मनीषा वाघमारे को पुणे से गिरफ्तार किया गया था। पुणे पुलिस के अनुसार मनीषा वाघमारे पहले ब्यूटी पार्लर चलाती थी। जांच में यह सामने आया कि उसका पिछले तीन साल से आरोपियों के साथ संपर्क था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि एडमिशन से जुड़े मामलों में उसके और आरोपियों के बीच पैसों का लेनदेन हुआ था। अब CBI इस पूरे नेटवर्क और महिला की भूमिका की विस्तार से जांच कर रही है।