पुणे मनपा में मुख्य लेखा अधिकारी पद को लेकर विवाद, डॉ. कुणाल मंडवाले ने जताई नाराजगी

Pune Municipal Corporation CFO Post पर बाहरी अधिकारी की प्रतिनियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। डॉ. कुणाल मंडवाले ने पदोन्नति के अधिकार का दावा करते हुए प्रशासन को हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है।
Pune Municipal Corporation CFO Post Dispute News
पुणे मनपा (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Municipal Corporation CFO Post Dispute News: पुणे महानगरपालिका के सबसे महत्वपूर्ण और वित्तीय नियंत्रण रखने वाले 'मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी' पद पर राज्य सरकार द्वारा बाहरी अधिकारी की प्रतिनियुक्ति किए जाने से मनपा प्रशासन में तीव्र असंतोष फैल गया है।

मनपा के अधिकारियों की वरिष्ठता को नजरअंदाज कर बाहरी व्यक्ति को नियुक्त किए जाने से अब एक नया प्रशासनिक संघर्ष शुरू होने के आसार हैं। मनपा के उपमुख्य लेखा व वित्त अधिकारी डॉ। कुणाल मंडवाले, जो पिछले 15 वर्षों से इस पद पर कार्यरत हैं, मंडवाले ने महापालिका आयुक्त नवल किशोर राम को एक पत्र भेजकर राज्य सरकार के अधिकारी को ज्वाइन नहीं कराने की मांग की है।

डॉ मंडवाले ने दी कोर्ट जाने की चेतावनी

डॉ मंडवाले का दावा है कि नियमों और सेवा वरिष्ठता के अनुसार इस रिक्त पद पर प्रमोशन का पहला अधिकार उनका है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मनपा में उनकी 15 साल की सेवा का सम्मान नहीं किया गया, तो वे न्याय के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी पद पर प्रतिनियुक्ति

राज्य सरकार के वित्त विभाग ने 29 मई को एक आदेश जारी कर सरकारी अधिकारी भगवान दत्तात्रय घाडगे को पुणे मनपा के मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी पद पर प्रतिनियुक्ति के तहत नियुक्त किया है।

इससे पहले भी इस पद पर सरकारी अधिकारियों को भेजा जाता रहा है, जिससे मनपा के तहत आने वाले अधिकारियों की प्रमोशन का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाता है। अधिकारियों का कहना है कि सालों तक मनपा की सेवा करने वालों के साथ यह सरासर अन्याय है।

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