पुणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
Karve Road Visibility Issue Pune: कर्वे रोड पर निर्माण कार्य से होने वाले धूल प्रदूषण ने शहर के प्रशासन और नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है।
कोथरुड क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान धूल नियंत्रण नियमों के खुले उल्लंघन के कारण पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) ने एक बड़े प्रोजेक्ट को तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया है।
यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद की गई, जिसमें कोथरुड की सड़कों पर धूल का गुबार इतना घना दिखाई दे रहा था कि दिन के उजाले में भी वाहन चालकों को सुरक्षा के लिए अपनी हेडलाइट जलानी पड़ी। शून्य दृश्यता की इस स्थिति ने न केवल यातायात को बाधित किया, बल्कि स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया।
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मनपा आयुक्त नवल किशोर राम के निर्देश पर जूनियर इंजीनियर और डिप्टी इंजीनियर की टीम ने मौके का मुआयना किया।
जांच में पाया गया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की जा रही थी। कोटिभास्कर इन्फ्रा एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा चलाए जा रहे इस प्रोजेक्ट में धूल को रोकने वाली ग्रीन सेफ्टी नेट या तो नदारद थी या अपर्याप्त रूप से लगाई गई थी।
धूल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए मनपा ने कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके तहत निर्माण स्थल के चारों ओर 25 फीट ऊंचे मेटल शीट बैरिकेड लगाना, पूरी बिल्डिंग को तिरपाल से ढकना और सड़कों पर लगातार पानी का छिड़काव करना अनिवार्य है। इसके अलावा, ड्रिलिंग और कटिंग जैसे काम वैक्यूम आधारित मशीनों के जरिए बंद कमरे में होने चाहिए। डंपर वाहनों को भी ढका होना चाहिए ताकि मिट्टी सड़कों पर न गिरे।
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ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) के सर्वे के अनुसार, पुणे जैसे शहरी क्षेत्रों में हवा में मौजूद हानिकारक कणों (पीएम 10) का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा निर्माण गतिविधियों से आता है। जब तक डेवलपर प्रदूषण नियंत्रण के सभी पुख्ता इंतजाम नहीं कर लेता, तब तक निर्माण कार्य पर रोक जारी रहेगी।