खडकवासला-फुरसुंगी नहर के पास अतिक्रमण (सोर्स: सोशल मीडिया)
Khadakwasla Canal Encroachment Removal Drive: पुणे शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली खडकवासला नहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जल संसाधन विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा और आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है। खडकवासला डैम से फुरसुंगी तक फैली इस नहर के किनारों पर पिछले कई वर्षों से भू-माफियाओं और अवैध झुग्गीवासियों ने कब्जा कर रखा था, जिसे हटाने के लिए विभाग ने कमर कस ली है।
इस अभियान को केवल औपचारिकता न रखते हुए, प्रशासन ने इसे पूरी तरह से व्यवस्थित बनाया है। विभाग ने इस मुहिम के लिए 50 अतिरिक्त इंजीनियरों की विशेष नियुक्ति की है। कार्ययोजना के अनुसार, नहर के हर 5 किलोमीटर के दायरे की जिम्मेदारी 4 इंजीनियरों की एक समर्पित टीम को सौंपी गई है। ये इंजीनियर न केवल अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार का तकनीकी व्यवधान न आए।
अक्सर देखा जाता है कि अतिक्रमण हटाने के कुछ ही दिनों बाद फिर से वही स्थिति बन जाती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने एक दूरदर्शी निर्णय लिया है। जैसे ही किसी स्थान से अवैध निर्माण या झुग्गियों को हटाया जाएगा, विभाग वहां तुरंत बाउंड्री वॉल (सीमा दीवार) का निर्माण शुरू कर देगा। यह सुरक्षा दीवार भविष्य में पुनः होने वाले अतिक्रमण की संभावना को पूरी तरह समाप्त कर देगी।
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खडकवासला नहर के किनारे बढ़ते अवैध ढांचों के कारण जल प्रवाह में लगातार बाधा आ रही थी। सिंचाई के लिए छोड़े जाने वाले पानी की चोरी और कचरा फेंकने की घटनाओं से जल प्रदूषण भी बढ़ रहा था। विभाग का प्राथमिक उद्देश्य सरकारी बेशकीमती भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराना और पुणे की जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाना है। इस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों और किसानों को आने वाले समय में बेहतर जल प्रबंधन का लाभ मिलेगा।