पुणे में आस्था के केंद्र पर हमला, पुजारी अस्पताल पहुंचा

Pune News: पुणे के जेजुरी गढ़ पर पालकी सोहले के दौरान जूते पहनकर पहुंचे लोगों को टोकने पर पुजारी से मारपीट की गई। घायल पुजारी अस्पताल में भर्ती हैं, पुलिस जांच कर रही है।
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धार्मिक स्थल जेजुरी गढ़ (सोर्सः फाइल फोटो)
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Pune Jejuri Temple Conflict: पुणे जिले के पुरंदर तहसील स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जेजुरी गढ़ पर एक पुजारी के साथ मारपीट की घटना सामने आने से श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में आक्रोश फैल गया है। यह घटना पालकी सोहले के दौरान हुई, जब बड़ी संख्या में भक्त और श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गढ़ परिसर में मौजूद थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग जूते-चप्पल पहनकर पालकी के पास पहुंच गए थे, जिसे वहां मौजूद पुजारी ने धार्मिक परंपराओं और स्थल की पवित्रता के विरुद्ध बताते हुए उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया और देखते ही देखते मामला हिंसक रूप ले बैठा।

विवाद का कारण ये है

जानकारी के अनुसार, पुजारी द्वारा टोकने के बाद संबंधित लोगों और पुजारी के बीच कहासुनी होने लगी। विवाद बढ़ने पर तीन से चार लोगों ने कथित रूप से पुजारी के साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुई इस घटना से जेजुरी गढ़ परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।

वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। घटना के बाद धार्मिक स्थल पर सुरक्षा और अनुशासन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए वहां निर्धारित नियमों और परंपराओं का पालन सभी को करना चाहिए।

पुलिस की कार्रवाई और लोगों की प्रतिक्रिया

मारपीट में घायल हुए पुजारी को तत्काल उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर नियमों का पालन कराने वाले पुजारी पर हमला करना निंदनीय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत की जाए।

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