पुणे जिले के केडगाव में Illegal Abortion रैकेट का पर्दाफाश, एक डॉक्टर गिरफ्तार, दूसरी फरार

Pune Illegal Abortion Case: केडगाव के लवंगारे अस्पताल में अवैध गर्भपात और लिंग निर्धारण रैकेट का खुलासा हुआ। एक डॉक्टर गिरफ्तार, दूसरी फरार है। जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं।
Pune Health Department Probe Illegal Abortion Network
अवैध गर्भपात रैकेट (सोर्सः AI)
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Pune Health Department Probe Illegal Abortion Network: पुणे जिले के दौंड तहसील स्थित केडगाव में संचालित ‘लवंगारे मैटरनिटी एंड इनफर्टिलिटी हॉस्पिटल’ में अवैध गर्भपात और लिंग निर्धारण रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को सतर्क कर दिया है। जांच के दौरान सामने आया कि अस्पताल में लंबे समय से कानून के विपरीत गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। मामले में केडगाव की डॉ. स्वाती लवंगारे और उरुळी कांचन के डॉ. तुकाराम मोटे के खिलाफ यवत पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने डॉ. तुकाराम मोटे को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि डॉ. स्वाती लवंगारे की तलाश जारी है।

जांच में मिलीं गंभीर अनियमितताएं

जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। अधिकारियों के अनुसार डॉ. स्वाती लवंगारे स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं हैं, फिर भी वे गर्भपात से संबंधित प्रक्रियाएं कर रही थीं। अस्पताल में गर्भपात की दवाओं का अवैध भंडार भी पाया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मरीजों को गर्भपात की गोलियां डॉ. तुकाराम मोटे के नाम और हस्ताक्षर का उपयोग कर दी जाती थीं।

अस्पताल के मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) रिकॉर्ड की जांच में कई विसंगतियां मिलीं। अधिकारियों ने अस्पताल से आठ अवैध MTP Kit भी जब्त की हैं। इससे यह आशंका मजबूत हुई है कि अस्पताल में नियमों का उल्लंघन कर लंबे समय से अवैध गर्भपात कराए जा रहे थे।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिये ये निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों के मेडिकल लाइसेंस और संबंधित अस्पतालों के पंजीकरण रद्द किए जाएंगे। साथ ही सरकार ऐसे मामलों में बार-बार संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ मकोका जैसे कड़े कानून लागू करने की संभावना पर भी विचार कर रही है।

पुलिस जांच के अनुसार यह अवैध नेटवर्क पिछले ढाई से तीन वर्षों से सक्रिय था और हर महीने 30 से 50 अवैध लिंग निर्धारण मामलों की आशंका जताई जा रही है। जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब तक 15 से अधिक डॉक्टर पुलिस के रडार पर हैं। पूरे पुणे जिले तथा आसपास के क्षेत्रों में सोनोग्राफी केंद्रों की जांच के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।

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