पुणे में गैस सिलेंडर किल्लत से बिगड़ा आम आदमी का बजट; होटल-मेस में खाने के दाम 25% तक बढ़े

Pune LPG Supply News: पुणे में गैस सप्लाई बाधित होने से होटल और मेस संचालकों ने खाने के दाम 20-25% बढ़ा दिए हैं। थाली, नाश्ता और चाय-कॉफी महंगी होने से आम जनता और छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ा
Gas cylinder shortage in Pune leads to a 25% hike in food prices at hotels and messes. Daily consumers and students face the brunt of rising costs and inflation.
प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pune Gas Cylinder Shortage Food Price Hike News: पुणे शहर में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी का सीधा असर अब आम नागरिकों की जेब पर पड़ने लगा है। गैस आपूर्ति बाधित होने से होटल, मेस और नाश्ते की दुकानों पर खाद्य पदार्थों के दाम काफी बढ़ गए हैं। बढ़ती लागत का भार व्यवसायियों को ग्राहकों पर डालना पड़ रहा है, जिससे महंगाई का असर और गहरा गया है।

नियमित सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई पिछले कुछ दिनों से पुणे शहर में गैस सिलेंडरों की नियमित सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। होटल व्यवसायियों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि व्यावसायिक सिलेंडर समय पर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं।

थाली और नाश्ते के दाम में 20-25% तक की बढ़ोतरी कई स्थानों पर सिलेंडर की भारी कमी के कारण व्यवसायियों को मजबूरन 'ब्लैक' (कालाबाजारी) में सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं, जिसके लिए उन्हें 2 से 3 हजार रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। इससे होटल संचालन की लागत में भारी वृद्धि हुई है। गैस होटल उद्योग का मुख्य आधार है। वर्तमान में गैस की कीमत और उपलब्धता, दोनों प्रभावित होने से संचालकों को अपने मेन्यू के दाम बढ़ाने पड़े हैं।

नाश्ते, थाली और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। पहले 60 रुपये में मिलने वाली थाली अब 80 से 90 रुपये तक पहुंच गई है, वहीं कुछ स्थानों पर यह 100 रुपये में बेची जा रही है। इसके अलावा, चाय और कॉफी के दामों में भी प्रति कप 3 से 5 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पोहे और उपमा जैसे लोकप्रिय नाश्ते, जो पहले 20 रुपये में उपलब्ध थे, अब 25 रुपये में मिल रहे हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर पुणे शहर के छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और उन दैनिक उपभोक्ताओं पर पड़ा है, जो नियमित रूप से बाहर भोजन करते हैं।

गैस सप्लाई सुचारू बनाने की मांग

मेस सेवाओं पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिला है। पहले जहां दो वक्त के भोजन के लिए मासिक (मंथली) 3,000 रुपये लिए जाते थे, वहीं अब यह बढ़कर 3,500 से 3,800 रुपये तक पहुंच गया है। इसके साथ ही मेस में चपाती और भाकरी के दाम भी बढ़ गए हैं। चपाती की कीमत 5 रुपये से बढ़कर 7 रुपये हो गई है, जबकि भाकरी 12 रुपये से बढ़कर 20 रुपये तक पहुंच गई है।

इस मूल्य वृद्धि के कारण नागरिकों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई का दबाव झेल रहे आम आदमी के लिए यह स्थिति और मुश्किलें पैदा कर रही है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि वह इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर गैस सिलेंडर सप्लाई सुचारू करे।

लोगों में असंतोष

नवी पेठ के किसी भी मेस, होटल या नाश्ते के स्टॉल पर जाएं, हर जगह दाम बढ़े हुए हैं। इससे हमारे मासिक बजट पर काफी दबाव पड़ा है।

- श्रीधर पाटिल, प्रतियोगी छात्र

गैस के दाम बढ़ने के बावजूद वह समय पर उपलब्ध नहीं हो रही है। हमें मजबूरी में ब्लैक में ज्यादा कीमत देकर सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। खाद्य तेल और अन्य सामग्रियों के दाम भी बढ़ गए है, जिसके कारण हमें रेट बढ़ाना पड़ा।

- नवीन कुमार, होटल संचालक, नवी पेठ

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