पुणे मनपा आयुक्त के निर्देश के बाद फायर ब्रिगेड अलर्ट, 5 दिनों में 129 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नोटिस जारी

Pune Fire Safety Inspection: पुणे मनपा ने शहर में अग्निसुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जांच अभियान शुरू किया है। 5 दिनों में 129 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नोटिस जारी किए गए हैं।
Inspection of fire extinguishers and emergency exit doors.
फायर एक्सटिंग्विशर और आपातकालीन निकास द्वार की जांचसोर्स- सोशल मीडिया
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Ganesh Sonune Chief Fire Officer Pune PMC: शहर में आग लगने की घटनाओं से होने वाली जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोकने के लिए पुणे महानगरपालिका (PMC) ने व्यापक जांच अभियान शुरू किया है। पुणे मनपा आयुक्त नवलकिशोर राम के सख्त निर्देशों के बाद अग्निशमन विभाग ने व्यावसायिक और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में अग्निसुरक्षा (Fire Safety) व्यवस्था की गहन जांच शुरू कर दी है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी गणेश सोनुने ने विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर शहरभर में इस कार्रवाई को तेज करने के निर्देश दिए हैं। पिछले पांच दिनों के भीतर ही विभाग ने 129 प्रतिष्ठानों की जांच की है।

PG हॉस्टल, कोचिंग क्लासेस और गोदामों पर विशेष निगरानी

अग्निशमन अधिकारियों ने 77 और स्टेशन अधिकारियों ने 52 प्रतिष्ठानों का मौके पर जाकर मुआयना किया। इस अभियान के दायरे में निम्नलिखित प्रतिष्ठानों को विशेष रूप से शामिल किया गया है:

  • पेइंग गेस्ट (PG) हॉस्टल और कोचिंग क्लासेस

  • स्कूल, कॉलेज और अस्पताल

  • होटल, रेस्टोरेंट और कबाड़ के गोदाम

  • अन्य सार्वजनिक और व्यावसायिक परिसर

निरीक्षण के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन निकास (Emergency Exit) और सुरक्षा नियमों के पालन की स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है।

Inspection of fire extinguishers and emergency exit doors.
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नियमों के गंभीर उल्लंघन पर सील किए जाएंगे प्रतिष्ठान

अग्निसुरक्षा संबंधी कमियां पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ महाराष्ट्र अग्निप्रतिबंधक एवं जीवसंरक्षक अधिनियम, 2006 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जिन-जिन प्रतिष्ठानों में मामूली कमियां हैं, उन्हें सुधार के लिए समय दिया जा रहा है। हालांकि, गंभीर लापरवाही और नियमों के सीधे उल्लंघन के मामलों में प्रतिष्ठान को बंद/सील करने जैसी कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक स्टेशन अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में प्रतिदिन कम से कम 20 प्रतिष्ठानों की जांच करने का लक्ष्य सौंपा गया है।