पीएमसी की कार्रवाई बेअसर? पुणे में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर सवाल, 24 घंटे में फिर कब्जा

Pune Encroachment Drive: पुणे में मनपा का अतिक्रमण हटाओ अभियान सवालों में घिर गया है। कार्रवाई के 24 घंटे के भीतर ही कई इलाकों में फेरीवाले और अस्थायी दुकानें फिर से सड़कों और फुटपाथों पर नजर आईं।
PMC Action Ineffective? Questions Raised Over Anti-Encroachment Drive in Pune—Sites Reoccupied Within 24 Hours
Pune PMC Anti Encroachment Action ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Pune PMC Anti Encroachment Action: पुणे शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए चलाया गया अभियान एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। पुणे मनपा द्वारा बड़े स्तर पर की गई कार्रवाई के सिर्फ 24 घंटे के भीतर ही स्थिति पहले जैसी हो गई, जिससे यह अभियान महज दिखावा साबित होता नजर आ रहा है।

पीएमसी के अतिक्रमण विभाग ने हाल ही में वडगांव बुद्रुक, धायरी, अंबा माता मंदिर परिसर, कात्रज और कलस-धानोरी जैसे प्रमुख इलाकों में सख्त कार्रवाई की थी।

इस दौरान करीब 27 हजार 700 वर्ग फुट क्षेत्र में फैले अवैध शेड, दुकानों और निर्माणों को हटाने का दावा किया गया था। कार्रवाई के समय बड़ी संख्या में कर्मचारी, जेसीबी मशीनों और पुलिस बल को तैनात किया गया था, जिससे यह अभियान प्रभावी दिखाई दे रहा था।

लेकिन हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई के अगले ही दिन इन इलाकों में फिर से वहीं हालात देखने को मिले। फेरीवाले, ठेले, अस्थायी दुकानें और अवैध निर्माण दोबारा सड़कों और फुटपाथों पर कब्जा करते नजर आए।

इससे स्पष्ट हो गया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में निरंतरता और निगरानी का अभाव है, यह समस्या केवल इन क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। शिवाजीनगर, कर्वे रोड, एसएनडीटी परिसर, मेट्रो स्टेशन के आसपास और पीएमपीएमएल बस स्टॉप जैसे व्यस्त स्थानों पर भी फुटपाथ अतिक्रमणकारियों के कब्जे में हैं। परिणामस्वरूप पैदल चलने वालों को सड़कों पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

मनपा को दीर्घकालीन योजना बनाने की आवश्यकता

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पीएमसी केवल औपचारिक कार्रवाई करती है, लेकिन उसके बाद कोई निगरानी नहीं रखती, कई लोगों का मानना है कि राजनीतिक दबाव, स्थानीय स्तर पर मिलीभगत और ढीली प्रशासनिक व्यवस्था के कारण अतिक्रमणकारी बेखौफ होकर फिर से कब्जा कर लेते हैं। पीएमसी का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित अभियान चलाए जा रहे हैं और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मन्त्रया की और से अतिक्रमण और फुटपाथ पर व्यसाय करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अभियान चलाया जा रहा है। जिन स्थानों पर पहले कार्रवाई की जा चुकी है, वहां यदि दोबारा अवैध रूप से व्यवसाय शुरू किया गया है तो संबंधित लोगों के खिलाफ फिर से सख्त कार्रवाई की जाएगी,

- आयुक्त, पुणे मनपा, नवल किशोर राम 

मनपा आयुक्त नवल किशोर राम का रवैया तो अतिक्रमण विरोधी कारवाई करने का दिख रहा है। लेकिन क्या उन पर भी कार्रवाई रोकने का दबाव आता है? उनके कार्यकाल

में कुछ बेहतर होने की उम्मीद हम कर रहे है।

- काग्रेस, पूर्व नगरसेवक व प्रवक्ता, गोपाल तिवारी

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