

महाराष्ट्र FDA ने पुणे संभाग के 5 जिलों में 25 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की।
कार्रवाई में 74,612 किलो खाद्य तेल जब्त, कीमत करीब 1.29 करोड़ रुपये।
पुणे जिले में सबसे अधिक 34,481 किलो तेल जब्त किया गया।
जांच में लेबलिंग, लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर और भंडारण व्यवस्था में खामियां मिलीं।
FDA Action Pune Division Edible Oil Seizure Baramati: त्योहारों के दौरान बाजार में खाद्य तेल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बड़ा अभियान चलाया है।
पुणे संभाग के पांच जिलों में 25 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 74,612 किलो खाद्य तेल जब्त किया गया। जब्त तेल की कीमत करीब 1.29 करोड़ रुपये है। जानकारी के मुताबिक विभाग को तेल की गुणवत्ता, सुरक्षा, लेबलिंग, पैकेजिंग और उत्पादन संबंधी रिकॉर्ड में कई अनियमितताएं मिली हैं।
फिलहाल जब्त तेल के नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद ही उसकी गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। एफडीए ने शुक्रवार को पुणे, सांगली, सोलापुर, सातारा और कोल्हापुर जिलों में यह विशेष अभियान चलाया। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य तेल उपलब्ध कराना है।
विभाग ने सभी जब्त नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने का निर्णय लिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में पुणे जिले में सबसे अधिक मात्रा में खाद्य तेल जब्त किया गया। जिले के आठ प्रतिष्ठानों से 34,481 किलो तेल बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 58।90 लाख रुपये है।
कार्रवाई बारामती, चाकण, जुन्नर, मुलशी, पुणे शहर, गुलटेकड़ी और देहू सहित विभिन्न क्षेत्रों में की गई। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में प्रयोगशाला के काम नहीं करने, केमिस्ट की अनुपस्थिति, पुराने टिन का दोबारा इस्तेमाल और तेल के भंडारण टैंकों के लिए साझा पाइपलाइन जैसी खामियां दर्ज की गई।
कुछ इकाइयों में बैचवार जांच रिपोर्ट, स्टॉक रजिस्टर और खरीद एवं उत्पादन संबंधी रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं थे। चाकण स्थित एक इकाई में लाइसेंस पर तेल की कुछ श्रेणियों का उल्लेख नहीं होने की बात भी सामने आई है।
सोलापुर जिला में पांच प्रतिष्ठानों से 13,490.4 किलो तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 25.33 लाख रुपये है। कोल्हापुर में चार प्रतिष्ठानों से 18, 156 किलो तेल जब्त हुआ, जिसका मूल्य लगभग 29.03 लाख रुपये है। सातारा में चार प्रतिष्ठानों से 5,948.15 किलो तेल, जबकि सांगली में चार प्रतिष्ठानों से 2,536.46 किलो तेल जब्त किया गया।
इस छापेमारी में एफडीए अधिकारियों को यह भी पता चला कि सोलापुर में कुछ तेल के पैकेटों पर वैच नंबर, अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) और उपयोग की अवधि संबंधी जानकारी में खामियां है। सातारा के एक प्रतिष्ठान पर वैध लाइसेंस के बिना कारोबार करने और इस्तेमाल किए गए टिन में तेल भरने का आरोप है।