Pune Education Board: महाराष्ट्र में 10वीं कक्षा के गणित का पर्चा लीक होने के मामले पर एजूकेशन बोर्ड ने यूटर्न लिया है। बुधवार को गणित पार्ट1 और पार्ट2 बोर्ड एग्जाम के पेपर्स के संदिग्ध लीक पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
अब बोर्ड ने कहा है कि मैथ्स पार्ट2 का पेपर एग्जाम खत्म होने के बाद ही टेलीग्राम पर शेयर किया गया था और उन्हें मैथ्स पार्ट1 के पेपर के लीक होने की कोई शिकायत नहीं मिली थी।
गौरतलब हो कि पहले पुणे डिविजनल बोर्ड के एक कर्मचारी ने 10 मार्च को शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी और कहा था कि टेलीग्राम पर ऑनलाइन शेयर किए गए पेपर्स असली एग्जाम के क्वेश्चन पेपर्स से मेल खाते थे।
पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया था कि पार्ट1 का पेपर 5 मार्च को टेलीग्राम ग्रुप पर शेयर किया गया था, जबकि पार्ट2 का पेपर 6 मार्च को शेयर किया गया था।
जांच में सामने आया था कि ग्रुप के साथ शेयर किया गया पेपर और महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन डिपार्टमेंट द्वारा तैयार किए गए पेपर एक जैसे थे।
पुलिस ने एफआईआर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षा कदाचार निवारण अधिनियम, 1982 की धारा छह और सात, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 72 और 66, और बीएनएस की धारा 35 और 223 के तहत दर्ज की थी।
11 मार्च के बयान में पुणे डिविजनल एजुकेशन बोर्ड के सेक्रेटरी दीपक माली ने कहा कि 06 मार्च को शाम 4.56 बजे टेलीग्राम ग्रुप पर एक मैसेज मिला कि नौ को होने वाला मैथ्स पार्ट2 का पेपर उपलब्ध होगा।
उस पेपर को पाने के लिए मुझे डीएम करें मैसेज भेजा गया था। उसके बाद जब 9 मार्च को शाम 5.47 बजे उस लिंक को वेरिफाई किया गया, तो देखा गया कि ग्रुप में संदिग्ध ने मैथ्स पार्ट2 पेपर लिंक के पीडीएफ के नीचे पासवर्ड बताया था।