Best Livable City In India: बेंगलुरु को पीछे छोड़ पुणे बना नंबर-1, महाराष्ट्र के चार शहर टॉप-10 में

Economic Survey 2025-26 की रिपोर्ट में पुणे को देश का सबसे रहने योग्य शहर घोषित किया गया है। हालांकि, ट्रैफिक जाम, अधूरी मेट्रो और महंगी प्रॉपर्टी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
Best Livable City
देश का सबसे रहने योग्य शहर (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: देश के शहरों के जीवन स्तर को लेकर जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की ताजा रिपोर्ट में महाराष्ट्र के लिए अच्छी खबर है। अपनी सांस्कृतिक विरासत और आईटी हब के लिए मशहूर पुणे को रहने के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ शहर घोषित किया गया है।

बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के कड़े मापदंडों पर खरा उतरते हुए पुणे ने पिछले साल के विजेता बेंगलुरु को पीछे छोड़ दिया है।

'ट्रैफिक जाम और मेट्रो' को लेकर छिड़ी सोशल मीडिया जंग

पुणे को देश का सबसे रहने योग्य शहर घोषित किए जाने के बाद जहां प्रशासनिक गलियारों में जश्न का माहौल है, वहीं सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। खिताब मिलते ही पुणेकर और नेटिजन्स ने शहर की जमीनी हकीकत को लेकर अपनी राय साझा करना शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर बुनियादी ढांचे पर सवाल उठाए गए। लोगों का कहना है कि जिस शहर में पीक आवर्स का ट्रैफिक घंटों का समय खा जाता है और जहां मेट्रो प्रोजेक्ट अब भी अधूरा है, वह नंबर-1 कैसे हो सकता है?

रैंकिंग में महाराष्ट्र का 'चौका'

इस साल की रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला और सुखद पहलू महाराष्ट्र के शहरों का प्रदर्शन रहा है। टॉप 10 शहरों की सूची में राज्य के चार शहरों ने अपनी जगह पक्की की है। यह रैंकिंग शिक्षा, स्वच्छता, जल आपूर्ति और कचरा प्रबंधन जैसे विभिन्न पैमानों पर आधारित है। अन्य प्रमुख शहरों में तिरुपति चौथे और चंडीगढ़ पांचवें स्थान पर रहे हैं, जबकि इंदौर और भोपाल ने भी अपनी जगह बनाए रखी है।

  • पुणेः प्रथम स्थान (पिछले साल दूसरे स्थान पर था)
  • नवी मुंबईः द्वितीय स्थान
  • ग्रेटर मुंबईः तृतीय स्थान
  • ठाणेः छठा स्थान

प्रमुख मुद्देः यूजर्स ने आसमान छूती प्रॉपर्टी

  • प्रमुख मुद्दे यूजर्स ने आसमान छूती प्रॉपर्टी की कीमतों, सीमित अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी वाले छोटे एयरपोर्ट और खराब सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर तंज कसे हैं।
  • तुलना कुछ यूजर्स ने व्यंग्य करते हुए लिखा कि पुणे में 'मुंबई जैसा महंगा घर, दिल्ली जैसा प्रदूषण और बेंगलुरु जैसा ट्रैफिक' होने के बाद भी यह खिताब मिलना किसी करिश्मे से कम नहीं है।
  • जानकारों का मानना है कि जलवायु और रहने की सुगमता के मामले में पुणे बेशक आगे है, लेकिन यदि इसे इस पायदान पर बने रहना है, तो सडक अनुशासन और सार्वजनिक परिवहन पर युद्धस्तर पर काम करना होगा।