पुणे में गुढ़ी पड़वा पर नहीं दिखा खरीदारी का उत्साह, कार-बाइक बिक्री में गिरावट
Vehicle Registration Decline: गुढ़ी पड़वा जैसे शुभ अवसर पर भी पुणे का ऑटोमोबाइल बाजार इस बार सुस्त रहा। आरटीओ के अनुसार, पिछले साल की तुलना में वाहन बिक्री में 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
ऑटोे रिक्शा सेल्स (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Auto Sales Gudi Padwa Drop: महाराष्ट्र के प्रमुख त्योहारों और साढ़े तीन शुभ मुहूर्तों में से एक ‘गुढ़ी पड़वा’ के अवसर पर इस बार पुणे का ऑटोमोबाइल बाजार उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया।
पारंपरिक रूप से इस दिन नए वाहनों की खरीदारी को बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन इस वर्ष आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस साल वाहनों की कुल बिक्री में लगभग 12 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही उथल-पुथल, विशेष रूप से खाड़ी देशों में जारी युद्ध की स्थिति ने ग्राहकों के उत्साह को प्रभावित किया है।
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विस्तृत आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल गुढ़ी पड़वा के उपलक्ष्य में कुल 11,937 पेट्रोल और डीजल वाहनों का पंजीकरण हुआ, जबकि पिछले साल यह संख्या 13,190 थी। यानी अकेले इस सेगमेंट में 1,253 वाहनों की कमी आई है।
हालांकि आरटीओ में पंजीकरण और दस्तावेजों की प्रक्रिया सुचारू रूप जारी है, लेकिन बिक्री के ये आंकड़े बाजार की मौजूदा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और आर्थिक अनिश्चितता की और स्पष्ट संकेत करते हैं। गिरावट के बावजूद, पर्यटक टैक्सी श्रेणी में मामूली सुधार ने बाजार को थोड़ी राहत जरूर दी है।
– स्वप्निल भोसले, उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी
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कार-बाइक-ट्रैक्टर की बिक्री में आई कमी
चिंताजनक बात यह है कि पर्यावरण के अनुकूल माने जाने वाले इलेट्रिक वाहनों के प्रति भी रुझान कम दिखा है। सेगमेंट वार विश्लेषण करें तो कार बाजार में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। पिछले साल बिकीं 3,332 कारों के मुकाबले इस साल केवल 2,260 कारों की ही डिलीवरी हुई। दोपहिया वाहनों और ऑटो रिक्शा की बिक्री में भी कमी आई है, जबकि ट्रैक्टर की बिक्री का शून्य रहना सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
